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इस सर्दी घर में बनाएं च्यवनप्राश, बनाने का तरीका भी है बेहद आसान
Sat, 29 Dec 2018 08:48 AM IST
मोना नारंग
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: मोना नारंग
Updated Sat, 29 Dec 2018 08:48 AM IST
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- फोटो : instagram
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सर्दियों के मौसम में च्यवनप्राश का सेवन बेहद लाभदायक माना जाता है। यह हमें कई तरह की बीमारियों से तो बचाता ही है साथ ही शरीर में फुर्ती भी आती हैं। जिस वजह से हर घर में ठंड के मौसम में च्यवनप्राश आराम से मिल जाएगा। पर क्या आप जानते हैं जिस च्यवनप्राश को आप हेल्दी समझकर खा रहे हैं उसमें मिलावट हो सकती है। ऐसे में आपकी सेहत का ख्याल रखते हुए आज हम आपको बताएंगे च्यवनप्राश को घर पर बनाने का आसान तरीका...
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च्यवनप्राश बनाने के लिए आपको कुल मिलाकर 40 चीजों की जरूरत होगी। सबसे पहले आपको 5 किलो आंवला की जरुरत होगी। यह च्यवनप्राश बनाने के लिए सबसे जरूरी होता है। इसके बाद आपको ब्राह्मी, बिल्व, छोटी हर्र (हरीतकी), बिदरीकन्द, अकरकरा, शतावरी, जटामानसी, गोखरू, बेल, कचूर, नागरमोथा, लौंग, पुश्करमूल, सफेद चन्दन, वसाका, कमल केशर, काकडसिंघी, दशमूल, जीवन्ती, तुलसी के पत्ते, मीठा नीम, सौंठ, मुनक्का, मुलेठी, पुनर्नवा, अंजीर , अश्वगंधा, गिलोय की जरूरत होगी। ये सारा सामान आपको 50 ग्राम मात्रा में लेना है।
अभी सामग्री की लिस्ट खत्म नहीं हुई है। इसके बाद आपको छोटी इलायची- 20 ग्राम, पिप्पली- 100 ग्राम, बंशलोचन- 150 ग्राम, केसर- 2 ग्राम, दालचीनी- 50 ग्राम, तेजपत्र- 20 ग्राम, नागकेशर- 20 ग्राम और शहद - 250 ग्राम। ये सारा सामान आपको पंसारी की दुकान से आसानी से मिल जाएगा।
इसके अलावा 250 ग्राम की मात्रा में शुद्ध देसी घी और तिल के तेल की जरूरत होगी। च्यवनप्राश में इस्तेमाल होने वाली कई जड़ी बुटियां हैं इसलिए आपको तीन किलो चीनी की भी जरूरत होगी।
अभी सामग्री की लिस्ट खत्म नहीं हुई है। इसके बाद आपको छोटी इलायची- 20 ग्राम, पिप्पली- 100 ग्राम, बंशलोचन- 150 ग्राम, केसर- 2 ग्राम, दालचीनी- 50 ग्राम, तेजपत्र- 20 ग्राम, नागकेशर- 20 ग्राम और शहद - 250 ग्राम। ये सारा सामान आपको पंसारी की दुकान से आसानी से मिल जाएगा।
इसके अलावा 250 ग्राम की मात्रा में शुद्ध देसी घी और तिल के तेल की जरूरत होगी। च्यवनप्राश में इस्तेमाल होने वाली कई जड़ी बुटियां हैं इसलिए आपको तीन किलो चीनी की भी जरूरत होगी।
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च्वयनप्राश बनाने की विधि
घर पर च्यवनप्राश बनाने के लिए सबसे पहले आप आंवले को अच्छे तरीके से धो लें। अब इन्हें एक कपड़े की पोटली में बांध लें। अब आप एक बड़ा स्टील का बर्तन लें और इसमें ब्राह्मी, बिल्व, छोटी हर्र (हरीतकी), बिदरीकन्द, अकरकरा, शतावरी, जटामानसी, गोखरू, बेल, कचूर, नागरमोथा, लौंग, पुश्करमूल, सफेद चन्दन, वसाका, कमल केशर, काकडसिंघी, दशमूल, जीवन्ती, तुलसी के पत्ते, मीठा नीम, सौंठ, मुनक्का, मुलेठी, पुनर्नवा, अंजीर , अश्वगंधा, गिलोय डाल दें और पोटली में बंधा आंवला भी इसी पानी में भिगों दें। अब इसे गैस पर रख दें और धीमी आंच पर 1-2 घंटे के लिए उबलने दें।
जब आंवला नरम होने लगे तब इसे गैस से उतार कर 10-12 घंटे के लिए ढक कर रख दें। फिर आंवले की पोटली को पानी से निकाल लें और इसकी गुठली निकालकर इसे काट लें। अब पानी में जो जड़ी बूटियां हैं उन्हें आप छलनी से छान लें। एक बात का ख्याल रखें कि इस पानी को फेंकना नहीं है। इस पानी की जरूरत तब होगी जिस समय आप च्यवनप्राश बनाएंगे। अब इस पल्प को कढ़ाही में डालकर धीमी आंच पर गैस पर रख दें और तब तक पकाएं जब तक ये गाढ़ा न हो जाए।
घर पर च्यवनप्राश बनाने के लिए सबसे पहले आप आंवले को अच्छे तरीके से धो लें। अब इन्हें एक कपड़े की पोटली में बांध लें। अब आप एक बड़ा स्टील का बर्तन लें और इसमें ब्राह्मी, बिल्व, छोटी हर्र (हरीतकी), बिदरीकन्द, अकरकरा, शतावरी, जटामानसी, गोखरू, बेल, कचूर, नागरमोथा, लौंग, पुश्करमूल, सफेद चन्दन, वसाका, कमल केशर, काकडसिंघी, दशमूल, जीवन्ती, तुलसी के पत्ते, मीठा नीम, सौंठ, मुनक्का, मुलेठी, पुनर्नवा, अंजीर , अश्वगंधा, गिलोय डाल दें और पोटली में बंधा आंवला भी इसी पानी में भिगों दें। अब इसे गैस पर रख दें और धीमी आंच पर 1-2 घंटे के लिए उबलने दें।
जब आंवला नरम होने लगे तब इसे गैस से उतार कर 10-12 घंटे के लिए ढक कर रख दें। फिर आंवले की पोटली को पानी से निकाल लें और इसकी गुठली निकालकर इसे काट लें। अब पानी में जो जड़ी बूटियां हैं उन्हें आप छलनी से छान लें। एक बात का ख्याल रखें कि इस पानी को फेंकना नहीं है। इस पानी की जरूरत तब होगी जिस समय आप च्यवनप्राश बनाएंगे। अब इस पल्प को कढ़ाही में डालकर धीमी आंच पर गैस पर रख दें और तब तक पकाएं जब तक ये गाढ़ा न हो जाए।
अब एक कढ़ाही में तिल का तेल डाल कर गरम करें। जब तेल गर्म हो जाए उसमें घी डाले। दोनों के अच्छे से गर्म हो जाने पर उसमें आंवले का छाना हुआ पल्प डालिये और इसे हिलाते रहें। जब इसमें उबाल आने लगे तब आप इसमें चीनी मिला दें और इसे लगातार चलाते रहें। धीरे धीरे ये गाढा होता जाएगा। ध्यान रखें कि आप इसे पतला करने के लिए जड़ी बूटी वाला पानी इस्तेमाल कर सकते हैं। एक बात का खास ख्याल रखें कि इसे बनाने के लिए लोहे की कढ़ाहीका ही इस्तेमाल करें, स्टील के बर्तन का इस्तेमाल ना करें।
जब ये मिश्रण अच्छी तरह से गाढ़ा हो जाए तो गैस बंद कर दें और इसे इसी कढ़ाही में ही 5-6 घंटे के लिए ढक कर पड़ा रहने दें। अब आखिर में आपको छिली हुई छोटी इलायची के दानो में दालचीनी, पिप्पली, बंशलोचन, तेजपात, नागकेशर को मिक्सी में एकदम बारीक पीसना है। इस पिसी सामग्री को शहद और केसर में मिलाकर आंवले के मिश्रण में अच्छी तरह से मिला दे। आपका च्यवनप्राश बनकर तैयार है।
जब ये मिश्रण अच्छी तरह से गाढ़ा हो जाए तो गैस बंद कर दें और इसे इसी कढ़ाही में ही 5-6 घंटे के लिए ढक कर पड़ा रहने दें। अब आखिर में आपको छिली हुई छोटी इलायची के दानो में दालचीनी, पिप्पली, बंशलोचन, तेजपात, नागकेशर को मिक्सी में एकदम बारीक पीसना है। इस पिसी सामग्री को शहद और केसर में मिलाकर आंवले के मिश्रण में अच्छी तरह से मिला दे। आपका च्यवनप्राश बनकर तैयार है।