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पुरुषों पर यह प्रभाव डालता है महिलाओं का पसीना
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 12 Oct 2013 08:34 AM IST
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आपको जानकर अचरज होगा लेकिन महिलाओं का पसीना उनकी छवि पर बहुत प्रभाव डालता है। हाल में एक शोध में माना गया है कि तनाव के दौरान महिलाओं का पसीना पुरुषों के बीच उनके अविश्वसनीय और अयोग्य छवि पेश करता है।
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शोधकर्ताओं का मानना है कि तनाव के दौरान महिलाओं के पसीने की महक सामान्य रूप से उनके पसीने की महक से बहुत अलग होती है और यह पुरुषों के मन में उनकी छवि पर गलत प्रभाव डालती है।
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ब्रिटिश शोध के दौरान शोधकर्ताओं ने माना है कि गर्मी में या कसरत के दौरान महिलाओं के शरीर के सिर्फ एक ग्लैंड से पसीना बनता है जबकि तनाव के दौरान पसीना बबनाने का काम दो ग्लैंड करते हैं। इससे निकलने वाला पसीना त्वचा के बैक्टीरिया से तेजी से संपर्क में आता है जिस वजह से इसकी महक अलग होती है।
शोधकर्ता डॉ. सुज़ैन बेहले ह्यूलेट के अनुसार, ''तनाव के दौरान शरीर से निकलने वाला पसीना अधिक बदबूदार होता है और यह पुरुषों पर नकारात्मक प्रभाव छोड़ता है। इसके लिए हमने पसीने का निर्माण और मस्तिष्क व भावों पर उसके प्रभाव का अलग-अलग अध्ययन किया है और फिर यह निष्कर्ष निकाला है।''
ऐसे हुआ शोध
शोध के दौरान प्रतिभागियों को तीन अलग-अलग समूहों में बांटा गया। इन्हें अलग-अलग मुद्दों पर भाषण देने, पहेलियां सुलझाने और गणित के सवालों का जवाब देने जैसे कार्य दिए गए। इसके बाद इनके पसीने का सैंपल लिया गया और डियोडोरेंट के इस्तेमाल के बाद इनके प्रति दूसरों के रवैये का अध्ययन किया गया।
कुछ समय बाद इन्हें 15 मिनट की कसरत करने के लिए कहा गया और इस दौरान इनके पसीने का सैंपल लेकर दूसरों के रवैये पर अध्ययन किया गया।
शोधकर्ताओं ने पाया कि तनावग्रस्त महिलाओं को लेकर अधिकतर लोगों की राय नकारात्मक थी और उनकी छवि अविश्वसनीय व अयोग्य मानी गई। यह शोध प्लस वन जर्नल में प्रकाशित हुआ है।