फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Food ›   story of potao in ireland

इस देश में अनाज की जगह ले चुका है आलू, बनते हैं खाने के इतने सामान सोच भी नहीं सकते

Sun, 02 Jun 2019 06:12 PM IST
प्रशांत राय स्वाद गली, पुष्पेश पंत
स्वाद गली, पुष्पेश पंत Published by: प्रशांत राय Updated Sun, 02 Jun 2019 06:12 PM IST
विज्ञापन
story of potao in ireland
- फोटो : अमर उजाला
हम हिंदुस्तानी सभी गोरे अंग्रेजों को एक जैसा समझते हैं । हकीकत यह है कि जो देश कभी अपने को ‘ग्रेट ब्रिटेन’ कहकर इतराता था, वास्तव में यूनाइटेड किंगडम है, जिसके चार अलग-अलग हिस्से हैं- ब्रिटेन, वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तर आयरलैंड। आज भी वेल्स हो, स्कॉटलैंड या आयरलैंड ये तीनों अपने को ब्रिटेन के अधीन ही उपनिवेश मानते हैं और स्वाधीनता के लिए कुलबुलाते रहते हैं । 
विज्ञापन

इन तीन घटकों की भाषा लोक संस्कृति और खानपान ब्रिटेन से बहुत अलग है । इनमें भी आयरलैंड अनूठा है । आयरलैंड दो भागों में बंटा है, उत्तरी आयरलैंड ब्रिटेन का हिस्सा है, तो दक्षिणी स्वतंत्र गणराज्य का । इन दोनों के बीच सांप्रदायिक वैमनस्यता के कारण कई बार खून बहा, लेकिन साथ ही एकता की ललक भी कम जोरदार नहीं । 

खैर, यहां हम बात खानपान की कर रहे हैं, तो जो बात सबसे पहले याद रखने लायक है कि आयरलैंड में अनाज की जगह आलू ले चुका है । दिलचस्प बात यह है कि आलू भले ही आयरलैंड में पुर्तगालियों के साथ 16वीं शताब्दी में पहुंचा, पर बहुत जल्द बर्तानवी आकाओं ने आयरलैंड से अनाज और मांस का निर्यात ब्रिटेन के लिए जबरन करवाना आरंभ कर दिया, क्योंकि इनसे उनकी साम्राज्यवादी सेना के जवानों का भरण-पोषण होता था । 

विज्ञापन
विज्ञापन

story of potao in ireland

कुछ ही वर्षों में आयरलैंड के निवासियों की आलू पर निर्भरता इतनी बढ़ गई कि एकबार आलू की फसल खराब होने से क्रांति का माहौल पैदा हो गया । आयरलैंड के घरों में रसोई में सबसे मशहूर ‘आयरिश इस्टू’ है, जिसे बकरी या भेड़ के मांस अथवा कभी-कभार पोर्क और चिकन से भी बनाया जाता है । 

इसमें मांस की मात्रा कम रहती है और आलू की अधिक। कहीं-कहीं आलू के साथ शलजम या गाजर भी मिलाए जाते हैं । मसाले नाममात्र के होते हैं और इस इस्टू को धीमी आंच में घंटों तक पकाया जाता है । आजकल आयरलैंड वासियों में खासकर ब्रिस्केट के बाद राष्ट्रीय स्वभिमान जागरित हुआ है । वह काफी तामझाम के साथ अधिक संपन्न वर्ग का भोजन भी अपने तरीक से बनाने लगे हैं । 

मसलन, बतख की हड्डी रहित सीने को, तले अंडे, बेकन और हिरण के मांस के छोटे टुकड़ों के साथ परोसा जाने लगा है । आलू से बनाए मोटे चीले या उत्पम को ‘बॉक्सटी’ कहते हैं । और चोखे की तरह बने आलुओं में सॉसेज और बेकन मिलाकर काले या बंद गोभी के पत्तों के साथ कॉडल एवं कॉलकानोन तैयार किया जाता है । 

विज्ञापन

आयरलैंड के उलस्टर प्रांत में सोडाफारी नामक डबलरोटी बनाई जाती है, जिसमें खमीर का इस्तेमाल नहीं किया जाता और आटे को उठाने के लिए छाछ का प्रयोग किया जाता है । आयरलैंड में ही मैदे की जगह आलू के आटे का प्रयोग कर एक विशेष डबलरोटी भी बनाई जाती है । यह ­­­आजकल उन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है, जो ग्लूटेन के कारण मैदे से परहेज करते हैं । 

डबलरोटी को दूध में चीनी और मसालों के साथ मिलाकर गुली नामक मिठाई तैयार की जाती है, जो कुछ-कुछ हैदराबादी डबल के मीठे या डबलरोटी की खीर की तरह होती है । आयरलैंड में समुद्र से मिलने वाली मछलियों और छोटी नदियों से प्राप्त होने वाली मैकरेल और ट्राउट मछलियों को भी आम आदमी के खाने में जगह मिलती है, पर इनका प्रयोग सीमित मात्रा में ही होता है । वह भी अक्सर अचारी अवतार में । 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed