फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Lifestyle ›   Healthy Food ›   polluted ganga can make antibiotic resistance

गंगा में डुबकी लगाना सेहत को दे सकता यह खतरा

Fri, 13 Jun 2014 10:59 AM IST
Updated Fri, 13 Jun 2014 10:59 AM IST
विज्ञापन
polluted ganga can make antibiotic resistance

भारत में ऋषिकेश और हरिद्वार हिंदुओं के पवित्र शहर होने के कारण हर साल बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों को आकर्षित करते हैं।

विज्ञापन


बड़ी संख्या में लोगों के आने के चलते वैज्ञानिक यहां एंटीबायोटिक प्रतिरोधक में वृद्धि के कारणों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि वो इस विस्तार के पीछे काम कर रही प्रणाली के रहस्य का पता लगा सकेंगे।

एक वैश्विक समाज में, एंटीबायोटिक प्रतिरोधक के बढ़ने की एक वजह यात्रा को बताया जा सकता है।

अब न्यूकेसेल यूनीवर्सिटी के प्रोफ़ेसर डेविड ग्राहम और उनके अंतरराष्ट्रीय सहयोग इस बात का अध्ययन कर रहे हैं कि कितनी बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा जीन के प्रसार के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है, जो प्रतिरोध का कारण है।
विज्ञापन


इसके लिए उन्हें एक ऐसी जगह की जरूरत थी जो आमतौर पर प्रदूषण से मुक्त हो और जहां वो मानव गतिविधियों का अध्ययन कर सकें।

बड़ा जमावड़ा

polluted ganga can make antibiotic resistance

ऐसे में ऋषिकेश और हरिद्वार उस समय प्रसिद्ध हो गए जब 1960 में इन शहरों को इस मामले के अध्ययन के लिए एकदम सही पाया गया।

हर साल मई और जून में इन शहरों में लाखों तीर्थयात्री आते हैं और शहर की आबादी करीब तीन लाख से बढ़कर दस लाख से अधिक हो जाती है।

इन शहरों में बहने वाली नदी साल के ज्यादातर दिनों में स्वच्छ रहती हैं, लेकिन इन दिनों में मानव कचरा जैसे प्रदूषण इसमें मिलने लगते हैं।

प्रोफेसर ग्राहम बताते हैं, "जब बहुत अधिक लोग होते हैं को स्थानीय बुनियादी ढांचा नाकाफी पड़ जाता है और मलीय पदार्थों के बाहर आने की संभावना बढ़ जाती है।"

मानव अवशिष्ट का बढ़ा हुआ स्तर ये समझने के लिए महत्वपूर्ण है कि एंटीबायोटिक प्रतिरोध के जीन किस तरह फैलते हैं।

ऐसा इसलिए है क्योंकि बैक्टीरिया में प्रतिरोधक जीन कहां स्थित रहते हैं और कैसे इन बैक्टीरिया को इंसान प्रसारित करते हैं।

बैक्टीरिया में एंटीबायोटिक प्रतिरोधक स्वाभाविक रूप से जीन के जरिए नियंत्रित होता है।

फैलाव की वजह

polluted ganga can make antibiotic resistance

ये जीन डीएनए के छोटे छल्लों, जिन्हें प्लाज्मिड कहा जाता है, पर पाए जाते हैं।

प्लाज्मिड बैक्टीरिया के बीच आसानी से आवाजाही कर सकते हैं और उन्हें एंटीबायोटिक प्रतिरोध जैसे लक्षणों को तेजी से अपनाने में मदद करते हैं।

कई लोगों की आंतों में ऐसी रचनाएं होती हैं, जिनमें ये जीन रहते हैं। आमतौर पर ये इंसान को तब तक प्रभावित नहीं करते हैं जब तक वो कुछ निश्चित एंटीबायोटिक नहीं लेते हैं।

प्रोफ़ेसर ग्राहम और उनके दल ने नदी से जो नमूने लिए हैं, उनसे पता चलता है कि जब मई और जून के दौरान नदी में मानव अवशिष्ट का स्तर बढ़ता है तो एंटीबायोटिक प्रतिरोधक जीन का स्तर करीब 60 गुना बढ़ जाता है।

इससे पता चलता है कि लोगों की आंतों में प्रतिरोधक जीव मल के साथ नदी में मिल सकती है।

मलीय जीव बहुत लंबे समय तक जीवत नहीं रहते हैं लेकिन एंटीबायोटिक प्रतिरोधक जीन को ले जाने वाला प्लाज्मिड नदी में तेजी से दूसरे जीवों में बदल जाता है।

विज्ञापन

एंटीबायोटिक प्रतिरोधक बैक्टीरिया

polluted ganga can make antibiotic resistance

इससे ये संभावना बढ़ जाती है कि जब लोग नदी का पानी पिएंगे या उसमें नहाएंगे तो एंटीबायोटिक प्रतिरोधक जीन युक्त बैक्टीरिया को निगल लेंगे।

इसके बाद वो उन्हें अपनी आंतों के सहारे अपने कस्बों और शहरों में ले आते हैं। इस तरह एंटीबायोटिक जीन दुनिया भर में फैला है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि जब बड़ी संख्या में लोग पर्याप्त सुविधाओं के बिना साथ-साथ रहते हैं तो एंटीबायोटिक प्रतिरोधक जीन के फैलने की संभावना बढ़ेगी।

ऐसा दुनिया में किसी भी बड़े जमावड़े के दौरान होगा।

एंटीबायोटिक प्रतिरोधक जीन के प्रसार से मौजूदा स्वास्थ्य चिंताएं और बढ़ी हैं।

लंदन स्कूल ऑफ हाईजीन एंड ट्रोपिकल मेडिसिन के प्रोफेसर डेविड हेमैन का कहना है, "बड़े जमावड़े में साफ-सफाई, जल आपूर्ति और खानपान की खामियों के चलते इंसानों के बीच संक्रमण फैलने की गुंजाइश रहती है।"

हालांकि गंगा जैसी नदी में तीर्थयात्रियों का आना संस्कृति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

प्रोफ़ेसर ग्राहम कहते हैं, "यहां हमारा लक्ष्य सामाजिक गतिविधियों को बाधित करना नहीं है, बल्कि इसे सुरक्षित बनाने में मदद करना है।"

वो कहते हैं कि बड़े जमावड़े महत्वपूर्ण हैं और निश्चित रूप से जारी रहने चाहिए। लेकिन संक्रमण के जोखिमों को न्यूनतम कर उन्हें अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed