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भारतीय युवाओं में बढ़ा दिल का मर्ज
नई दिल्ली/आईएएनएस
Updated Sat, 29 Sep 2012 10:03 AM IST
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दिल के रोगों से पीड़ित भारतीयों की बढ़ती तादाद के बीच जीवनशैली और खान-पान की आदतों में बदलाव आज की जरूरत बन गया है। चिकित्सकों का कहना है कि युवाओं को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के मुताबिक 2020 तक भारत में मौतों और विकलांगता का सबसे बड़ा कारण दिल के रोग होंगे।
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बीएलके सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के हृदय केंद्र के वरिष्ठ सलाहकार व निदेशक नीरज भल्ला ने आईएएनएस को बताया, 'दिल की बीमारियों से पीड़ित लोगों की औसत आयु कम हो रही है। हम 20 साल की उम्र में ही इन बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं।' उन्होंने कहा, "अगले पांच से 10 सालों में भारतीय आबादी का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इससे प्रभावित होगा।"
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फोर्टिस एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टिट्यूट के इनवेसिव कार्डियोलॉजी विभाग के निदेशक अतुल माथुर का मानना है कि 40 साल से कम आयु के दिल के रोगियों की संख्या एक दशक पहले की तुलना में 10 प्रतिशत बढ़कर आज 30 प्रतिशत हो गई है। उनके अनुसार, "यह एक चिंताजनक बात है। जीवनशैली व खान-पान की आदतों में बदलाव किए जाने की आवश्यकता है।"
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चिकित्सकों के मुताबिक आज ज्यादातर युवा व्यवसायी कामकाज के अनियमित घंटों में काम करते हैं। इस वजह से उनमें तनाव बढ़ता है और ज्यादातर को तो घर का पका हुआ भोजन भी नहीं मिल पाता। इसके बाद तनाव कम करने के लिए धूम्रपान या मद्यपान करने से स्थिति और खराब हो जाती है। इस तरह की जीवनशैली से रक्तचाप, मोटापा व मधुमेह जैसी परेशानियां होती हैं, जो अंतत: दिल के रोगों में तब्दील हो जाती हैं।
गुड़गांव स्थित कोलम्बिया एशिया अस्पताल के सलाहकार हृदय रोग विशेषज्ञ कमलदीप सिंह ने कहा, 'धूम्रपान, जंक फूड का सेवन और शारीरिक सक्रियता की कमी आज हमारे युवाओं को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रही है। इस सबसे ऊपर काम के दबाव के चलते बहुत से लोग मद्यपान व धूम्रपान शुरू कर देते हैं, इससे और भी जटिल स्थितियां पैदा होती हैं।'
सिंह के मुताबिक हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में शिक्षित किया जाए। चिकित्सकों का कहना है कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक जीवनशैली से बचना चाहिए। इससे आपको आगे चलकर दिल की बीमारियां हो सकती हैं। इस संबंध में शिक्षित करना व मार्गदर्शन देना बहुत कम उम्र में ही शुरू कर देना चाहिए। व्यायाम अपनाकर, जंक फूड व तले-भुने भोजन और धूम्रपान से बचकर दिल की बीमारियां दूर रखने में मदद मिल सकती है।