Govardhan Puja 2024: गोवर्धन पूजा के लिए इस विधि से तैयार करें कढ़ी-चावल, भोग लगाने के बाद बांटे इसी का प्रसाद
आज हम आपको आसान विधि से कढ़ी बनाना सिखाएंगे। ताकि आप भगवान श्रीकृष्ण को इसका भोग लगा सकें।
विस्तार
इस दिन लोग गोबर से जमीन पर गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाते हैं और उसे पूजते हैं। इस दिन भगवान श्री कृष्ण को अन्नकूट के साथ-साथ तमाम पकवानों का भोग लगाया जाता है। इन पकवानों में कढ़ी चावल भी शामिल है। वैसे तो आजकल लोग कड़ी में बूंदी डाल देते हैं लेकिन हम आपको आज पारंपरिक विधि से पकौड़े की कड़ी और चावल बनाना सिखाएंगे। ताकि आप गोवर्धन पूजा के दिन इसका भोग भगवान श्री कृष्ण को लगा सकें।
कढ़ी के लिए सामान
- दही: 1 कप
- बेसन: 3-4 बड़े चम्मच
- पानी: 3 कप
- नमक: स्वाद अनुसार
- हल्दी पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
- लाल मिर्च पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
- अदरक: 1 इंच का टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
- तेल या घी: 2 बड़े चम्मच
- राई (सरसों के बीज): 1 छोटा चम्मच
- जीरा: 1 छोटा चम्मच
- करी पत्ता: 6-7 पत्ते
- साबुत लाल मिर्च: 2-3
- हींग: 1 चुटकी
- बेसन: 1 कप
- हरी मिर्च: 1-2 (बारीक कटी हुई)
- अजवाइन: 1/2 छोटा चम्मच
- नमक: स्वाद अनुसार
- तेल: तलने के लिए
पकौड़े बनाने की विधि
कढ़ी तैयार करने से पहले पकौड़े बना लें। इसके लिए एक बाउल में बेसन, हरी मिर्च, अजवाइन, और नमक डालकर थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा घोल बनाएं। एक कढ़ाई में तेल गरम करें और छोटे-छोटे पकौड़े तल लें। ध्यान रखें कि इन्हें ज्यादा कुरकुरा न करें।
विधि
अब कढ़ी बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में दही और बेसन डालें। इसे अच्छे से फेंट लें ताकि गुठलियां न रहें। अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, अदरक, और नमक मिलाकर 3 कप पानी डालें और अच्छी तरह मिक्स कर लें। इस मिश्रण को गैस पर मध्यम आंच पर रखें और लगातार चलाते हुए उबालें ताकि बेसन अच्छी तरह से पक जाए।
इसे लगभग 15-20 मिनट तक पकाएं। इसके बाद एक छोटे पैन में तेल गरम करें। इसमें राई, जीरा, करी पत्ता, हींग और साबुत लाल मिर्च डालें। इन्हें हल्का भूरा होने तक भूनें। यह तड़का तैयार कढ़ी में डालें और अच्छी तरह मिक्स कर लें। तड़का लगाने के बाद तैयार पकौड़ों को इसमें डाल दें।
चावल तैयार करने के लिए सबसे पहले चावलों को 15-20 मिनट के लिए भिगो दें। इसके बाद एक पतीले में 2 कप पानी और नमक डालकर चावल पकाएं। ढककर धीमी आंच पर पकाएं जब तक चावल नर्म और पूरी तरह पक न जाए। गरमा-गरम कढ़ी को चावल के साथ परोस कर इसका भोग लगाएं।