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सिगरेट छोड़ना चाहते हैं तो जरूर पढ़ें यह खबर
Updated Tue, 29 Apr 2014 01:25 PM IST
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ब्रिटेन में पिछले दो सालों में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (ई-सिगरेट) का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़कर तिगुनी हो गई है।
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स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था एक्शन ऑन स्मोकिंग एण्ड हेल्थ (ऐश) के मुताबिक़ यह संख्या क़रीब 21 लाख तक पहुंच गई है।
संस्था का कहना है कि धूम्रपान करने वाले या धूम्रपान छोड़े चुके लोगों में से आधे से ज़्यादा ने ई-सिगरेट का कस लिया है। साल 2010 में यह संख्या आठ प्रतिशत थी।
ऐश के इस सर्वेक्षण में 12,000 से ज़्यादा धूम्रपान करने वाले वयस्कों को शामिल किया गया।
एक अन्य अध्ययन में यह बात सामने आई कि ई-सिगरेट पीने वाले अधिकांश लोग धूम्रपान कम करने के लिए इसका सहारा ले रहे थे।
ऐश का कहना है कि ई-सिगरेट पीने वाले ऐसे लोगों की संख्या मात्र एक फ़ीसदी है, जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया।
सर्वेक्षण
इस संस्था ने साल 2010 से ई-सिगरेट के इस्तेमाल पर कई सर्वेक्षण किए हैं जिनमें सबसे ताज़ा मार्च में किया गया।
ई-सिगरेट इस्तेमाल करने वाले लोगों में से लगभग सात लाख लोग धूम्रपान छोड़ चुके हैं वहीं क़रीब 13 लाख लोग सिगरेट और तंबाकू के साथ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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नियमित रूप से सिगरेट पीने वाले लोगों में ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या साल 2010 के 2।70 फ़ीसदी की तुलना में 2014 में 17।70 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है।
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जब धूम्रपान छोड़ चुके लोगों से ई-सिगरेट इस्तेमाल करने की वज़ह पूछी गई तो 71 फ़ीसदी लोगों का जवाब था कि वे धूम्रपान छोड़ने में इसकी मदद चाहते थे।
वहीं धू्म्रपान करने वाले 48 प्रतिशत लोगों का कहना था कि उन्होंने तंबाकू की मात्रा को कम करने के लिए ऐसा किया जबकि 37 फ़ीसदी लोगों की राय थी कि उन्होंने पैसे बचाने के लिए ई-सिगरेट का विकल्प चुना।
झुकाव
ऐश के मुख्य कार्यकारी डेबोरा अर्नोट कहती हैं, "पिछले चार सालों में ई-सिगरेट पीने वालों की संख्या में नाटकीय बढ़ोतरी बताती है कि धूम्रपान करने वालों का झुकाव तेज़ी से इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की तरफ़ हो रहा है क्योंकि वे धूम्रपान कम करना चाहते हैं या छोड़ना चाहते हैं।"
द स्मोकिंग टूलकिट स्टडी द्वारा इंग्लैंड में कराए गए एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है कि धूम्रपान छुड़वाने में मददगार अन्य निकोटीन उत्पादों की तुलना में ई-सिगरेट ज़्यादा लोकप्रिय हो रही है।
इस अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि इंग्लैंड में पिछले साल सिगरेट छोड़ने वालों की संख्या बढ़ी है और धूम्रपान की दर लगातार गिर रही है।
अध्ययन दल के प्रमुख प्रोफ़ेसर रॉबर्ट वेस्ट कहते हैं, "ई-सिगरेट के बारे में दावा किया जाता है कि इससे फिर से धूम्रपान की ओर लौटने का ख़तरा रहता है लेकिन हमें इस दावे के समर्थन में कोई साक्ष्य नहीं मिला।"
वे कहते हैं, "इसके विपरीत, ई-सिगरेट धूम्रपान को कम करने में काफ़ी मददगार हो सकती हैं क्योंकि बड़ी संख्या में लोग इनका इस्तेमाल सिगरेट छोड़ने के लिए कर रहे हैं।"
डेबोरा अर्नोट ने कहा, "ई-सिगरेट के विज्ञापन को नियंत्रित करना काफ़ी जरूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चे और धूम्रपान न करने वाले इसकी चपेट में न आएं। हमारे शोध में ई-सिगरेट से सिगरेट की लत लगने जैसे कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।"
ऐश के सर्वेक्षण के अनुसार ई-सिगरेट पीने वाले अधिकांश लोग ऐसे रिचार्जेबल उत्पाद का इस्तेमाल करते हैं जिसका कार्ट्रिज बदला जा सके।
धूम्रपान का समर्थन करने वाले एक समूह फ़ॉरेस्ट के निदेशक साइमन क्लार्क ने कहा कि वे ई-सिगरेट के बढ़ते चलन का स्वागत करते हैं और इस बात को लेकर ख़ुश हैं कि लोगों के पास विकल्प है।
लेकिन वह साथ ही कहते हैं कि ई-सिगरेट का इस्तेमाल करने वाले अधिकांश लोग सिगरेट छोड़ने की बजाय केवल इसका प्रयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "धूम्रपान छोड़ने वालों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट नहीं आई है। अधिकांश धूम्रपान करने वालों को अभी भी लगता है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट या ई-सिगरेट काफ़ी शुरुआती दौर में हैं और इनकी तकनीक के सुधार में कुछ साल लगेंगे।"