एंबुलेंस न मिलने से गई नवजात की जान

हरदाेई Updated Sat, 09 Sep 2017 11:46 PM IST
newborn child died due to ambulence cricess
संतरहा में पत्नी और पुत्री के साथ अनूप। - फोटो : अमर उजाला
पिहानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस न मिलने के कारण नवजात की मौत हो गई। सीएचसी में पिहानी थाना क्षेत्र के ग्राम संतरहा निवासी एक महिला को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह प्रसव के कुछ घंटे बाद नवजात की हालत बिगड़ गई। चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मजदूरी करने वाले युवक (नवजात के पिता) ने कई लोेगों से 108 सेवा पर फोन करने के लिए कहा। लेकिन किसी ने नहीं सुनी। प्राइवेट साधन से युवक नवजात को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। यहां चिकित्सक ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। 
कभी गोरखपुर, कभी बरेली तो कभी फर्रुखाबाद के अस्पतालों में हुई बच्चों की मौतों से कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। इसका जवाब शायद किसी के पास नहीं होगा कि मुफलिसी का सामना कर रहे एक युवक को जरूरत पर एंबुलेंस क्यों नहीं मिली। पिहानी थाना क्षेत्र के ग्राम संतरहा निवासी अनूप की पत्नी आरती गर्भवती थी। शुक्रवार देर शाम प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे लेकर पिहानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उसे भर्ती कर लिया गया। शनिवार सुबह उसने बालक को जन्म दिया। अनूप की माने तो जन्म के कुछ घंटे बाद सीएचसी पर मौजूद चिकित्सक ने नवजात की हालत खराब बता उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। चिकित्सक ने एंबुलेंस खराब होने की बात अनूप से कही। इस पर अनूप ने कई स्वास्थ्य कर्मियों से गरीबी का हवाला देते हुए उसे एंबुलेंस सेवा को फोन कर लेने के लिए कहा। एक परिचित के साथ किसी तरह प्राइवेट साधन से वह जिला अस्पताल के आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में पहुंचा। यहां ड्यूटी पर तैनात डाक्टर आदित्य झिंगरन ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। डाक्टर झिंगरन ने बताया कि अगर नवजात को सीएचसी में ही आक्सीजन लगा दी जाती तो नवजात की जान बच सकती थी। इस बारे में पिहानी सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डाक्टर वैभव जायसवाल ने बताया कि नवजात को जन्म से ही सांस लेने में दिक्कत थी। डाक्टर सबा खातून ने रेफर कर स्लिप संबंधित आशा को दे दी थी। बच्चे को एंबुलेंस क्यों नहीं मिली, ये जांच का विषय है। इसकी जांच कर पूरी कार्रवाई की जाएगी। डाक्टर वैभव ने बताया कि नवजात को सिर्फ आक्सीजन की ही जरूरत नहीं थी बल्कि वेंटिलेटर के साथ आक्सीजन चाहिए थी। जिसकी व्यवस्था सीएचसी में नहीं थी। 

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