डीएम को ‘वेंटिलेटर’ पर मिला आक्सीजन आपूर्ति सिस्टम

हरदाेई Updated Fri, 08 Sep 2017 11:34 PM IST
oxygen system on ventilator in city hospital
आक्सीजन सप्लाई को कहतीं डीएम शुभ्रा सक्सेना। - फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल में जरूरत पर मरीजों को प्लांट से आक्सीजन न मिलने की खबरों पर आखिरकार जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना थोड़ी संजीदा हुईं। डीएम शुक्रवार सुबह नौ बजे अस्पताल के औचक निरीक्षण पर पहुंचीं। महिला वार्ड में उन्हें आक्सीजन प्लांट से सप्लाई होते नहीं मिली। इस पर उन्होंने सीएमएस को फटकार लगाई। जगह-जगह गंदगी देखकर भी डीएम का पारा चढ़ गया। 
जिला अस्पताल में हर बेड पर सुचारु रूप से आक्सीजन की आपूर्ति को आक्सीजन प्लांट लगवाया गया था। लगभग सभी वार्डों के हर बेड पर इसका प्वाइंट दिया गया। काफी समय से आक्सीजन प्लांट शोपीस बना हुआ था। मरीजों को जरूरत पर आक्सीजन नहीं मिलने की समस्या पर अमर उजाला ने लगातार खबरें प्रकाशित कीं। इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी जिला प्रशासन उदासीन रहा। शुक्रवार को डीएम शुभ्रा सक्सेना जिला अस्पताल पहुंची। उन्होंने आकस्मिक चिकित्सा कक्ष, पुरुष और महिला वार्ड के अलावा सर्जिकल वार्ड का भी निरीक्षण किया। महिला वार्ड में काफी देर तक मातहत आक्सीजन प्वाइंट को चालू करने में लगे रहे लेकिन गैस नहीं आई। इस पर डीएम ने कहा कि जब इस प्वाइंट से गैस नहीं आ रही तो अन्य की भी दशा खराब ही होगी। उन्होंने सीएमएस डॉक्टर रामवीर सिंह से आक्सीजन आपूर्ति सिस्टम को सुधारने, मेगा और मिनी गैस सिलेंडर की व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए।  

तीमारदारों और मरीजों से पूछी हकीकत 
हरदोई। डीएम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों के अलावा दवा वितरण कक्ष के बाहर लाइन में लगे मरीजों से बात कर हकीकत पूछी। मरीजाें को पर्ची पर लिखी गई दवा का स्टाक में उपलब्ध दवाओं से मिलान भी किया।  

गंदगी और छुट्टा पशुओं पर नाराजगी 
डीएम शुभ्रा सक्सेना को अस्पताल के कई कक्षों में गंदगी मिली। परिसर में कई स्थानों पर गंदगी देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। अस्पताल परिसर में घूम रहे छुट्टा पशुओं को हटाने को कहा।

सुबह आठ बजे ही अफसर तलब 
डीएम शुभ्रा सक्सेना ने जिले के आठ अधिकारियों को सुबह आठ बजे ही अपने आवास पर तलब कर लिया था। उन्हें महिला और जिला चिकित्सालय के औचक निरीक्षण की जानकारी दी गई। इन अधिकारियों में परियोजना निदेशक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता, बंदोबस्त अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य और जिला कृषि रक्षा अधिकारी शामिल रहे। 

बिजली हुई गुल 
डीएम अस्पताल परिसर में थीं तभी बिजली गुल हो गई। जब तक डीएम वार्ड एक में पहुंची तब तक मरीज गर्मी से परेशान होने लगे। तीमारदारों ने पंखा झलना शुरू किया तो स्वास्थ्य महकमे के एक जिम्मेदार उसे पंखा झलने से रोकने लगे। गनीमत रही कि कुछ देर बाद जनरेटर चल गया। 

मरीजों को ही खींचना पड़ा स्ट्रेचर 
अस्पताल में स्टाफ की कमी है। बड़ी संख्या में बाहरी लोगों की मदद से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। जब डीएम ने निरीक्षण किया तो बाहरी लोग अस्पताल से चले गए। ऐसे में तीमारदारों को मरीजों का स्ट्रेचर खुद ही खींचना पड़ा। 
 
 निरीक्षण के दौरान ही शुरू हुई सफाई 
जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान डीएम के तेवर देखकर महिला अस्पताल में आनन-फानन ही सफाई कर्मियों को व्यवस्था में सुधार के लिए लगा दिया गया। उन्होंने एक-एक कोना देखकर सफाई की।

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