हर साल 10 अक्तूबर को 'विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस' मनाया जाता है। दरअसल, दुनियाभर में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य के सहयोगात्मक प्रयासों को संगठित करने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ ने 10 अक्तूबर 1992 को की थी। विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ एक अंतरराष्ट्रीय सदस्यता संगठन है, जिसकी स्थापना साल 1948 में दुनियाभर के लोगों और राष्ट्रों के बीच मानसिक और भावनात्मक विकारों की रोकथाम और ऐसे विकारों का उचित इलाज और देखभाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी।
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World Mental Health Day 2020: क्यों हुई थी विश्व मानसिक स्वास्थ्य संघ की स्थापना? जानिए इसका उद्देश्य
Fri, 09 Oct 2020 02:00 PM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Fri, 09 Oct 2020 02:00 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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7.5 फीसदी भारतीय मानसिक विकार से हैं ग्रस्त
- विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पिछले साल एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसके मुताबिक करीब 7.5 फीसदी भारतीय किसी न किसी रूप में मानसिक विकार से ग्रस्त हैं। साथ ही संगठन ने एक अनुमान भी लगाया था कि साल 2020 तक भारत की लगभग 20 फीसदी आबादी मानसिक बीमारियों से पीड़ित होगी।
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अवसाद एक बड़ी समस्या
- मानसिक विकारों में अवसाद एक बड़ी समस्या है। कई शोधों में यह प्रमाणित किया गया है कि अवसाद, ह्रदय संबंधी रोगों का मुख्य कारण है। साल 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अनुमान लगाया था कि साल 2020 तक अवसाद दुनियाभर में दूसरी सबसे बड़ी समस्या होगी।
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मानसिक रोग बन रहा आत्महत्या की वजह
- भारत में मानसिक बीमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या बहुत अधिक है। ऐसे में यह लोगों के आत्महत्या करने की भी एक बड़ी वजह बनती जा रही है। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां 15-29 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों की मौत का सबसे बड़ा कारण आत्महत्या ही है।
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मानसिक विकारों के संबंध में जागरूकता फैलाने की है जरूरत
- भारत में मानसिक विकारों के संबंध में जागरूकता की बहुत कमी है। यहां अक्सर किसी भी प्रकार के मानसिक स्वास्थ्य विकार से पीड़ित व्यक्ति को 'पागल' ही मान लिया जाता है और उसके साथ वैसा व्यवहार नहीं किया जाता, जैसा किसी स्वस्थ व्यक्ति के साथ किया जाता है। इसलिए इस संबंध में देशभर में जागरूकता फैलाने की जरूरत है, ताकि देश में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति को सुधारने में मदद मिल सके।