'मैं दिन में दो-तीन बार पोर्न देखती थी'
युवाओं में पेर्नोग्राफी की गंदी आदत घर कर रही है। कुछ लोगों का मानना है कि ये सेहत के लिए नुकसानदेह बिलकुल भी नहीं है। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो आगे पढ़िए कि मशहूर साइकोसेक्सुअल मनोविशेषज्ञ एंजेला ग्रेगरी इसके बारे में क्या कहती हैं।
एंजेला ग्रेगरी का मानना है कि बड़ी संख्या में युवा मर्द पोर्नोग्राफ़ी देखने लगे हैं, जिसकी वजह से उन्हें सेहत से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं।
उन्होंने बताया कि इस वजह से युवाओं में सेक्स से जुड़ी समस्या बढ़ती जा रही है।
नौ साल की उम्र में पोर्नोग्राफी देखने के बाद मुझे इसकी आदत हो गई
इसी मुद्दे पर बेटनी मैक्डोनाल्ड ने बीबीसी न्यूज़बीट कार्यक्रम में बात की। 24 साल की बेटनी मैक्डोनाल्ड कहती हैं, "केवल मर्दों पर ही ऑनलाइन पोर्नोग्राफ़ी का असर नहीं हो रहा है। मुझे भी इसकी आदत हो गई थी और इसकी वजह से शारीरिक संबंध नहीं बना पा रही थी।"
वो बताती हैं, "एक संयोग की वजह से मैंने नौ साल की उम्र में सबसे पहले पोर्नोग्राफी देखी थी। उसके बाद किशोरावस्था और फिर यूनिवर्सिटी तक मुझे इतनी आदत सी हो गई और मैं एक दिन में दो-तीन बार पोर्नोग्राफी देखने लगी. मुझे इससे अच्छा और कुछ भी नहीं लगता था"।
वो कहती हैं, "पोर्नोग्राफ़ी से सेक्स और संबंध बनाने के बारे में नौ साल की उम्र में ही मुझे जानकारी मिल गई थी इसलिए समझ में नहीं आता था कि किस तरह से पेश आना चाहिए, कैसे दिखना चाहिए।"
वो बताती हैं कि, "मैं कुछ भी समझ नहीं पाती थी। यह सब बहुत डरावना था। इसकी वजह से मुझे स्वस्थ रिश्ते बनाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।