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Energy Drinks: ताकत नहीं, मुसीबत बढ़ाती हैं एनर्जी ड्रिंक्स; इंग्लैंड सरकार का ये कदम दुनिया के लिए बना मिसाल

Mon, 20 Jul 2026 10:32 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 20 Jul 2026 10:32 PM IST
सार

 क्या सच में ये ड्रिंक शरीर को ऊर्जा देती हैं या फिर धीरे-धीरे बच्चों की सेहत पर बुरा असर डालती हैं?  इंग्लैंड में अगले साल से 16 साल से कम उम्र के बच्चों को ज्यादा कैफीन वाली एनर्जी ड्रिंक बेचने पर रोक लगाने की घोषण की गई है। आखिर ये क्यों जरूरी है?

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energy drinks to be banned for under-16s in England  to reduce obesity disrupted sleep and anxiety
बच्चों के लिए खतरनाक है एनर्जी ड्रिंक - फोटो : Amarujala.com/AI

विस्तार

बड़े-बड़े खिलाड़ी और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के विज्ञापन देखकर नई पीढ़ी एनर्जी ड्रिंक्स को फैशन और ताकत का प्रतीक मानने लगी है। लेकिन क्या सच में ये ड्रिंक्स शरीर को ऊर्जा देती हैं या फिर धीरे-धीरे सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाती जा रही हैं?

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मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि एनर्जी ड्रिंक्स में आमतौर पर सेंट्रल नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करने वाले तत्व (जैसे कैफीन), ज्यादा मात्रा में चीनी या आर्टिफिशियल स्वीटनर होते हैं। इन्हें विशेषज्ञों ने सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक पाया है।
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इसी चिंता को देखते हुए इंग्लैंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इंग्लैंड में अगले साल  (2027 से) 16 साल से कम उम्र के बच्चों को ज्यादा कैफीन वाली एनर्जी ड्रिंक बेचने पर रोक लगाने की घोषणा की गई है। सरकार का कहना है कि इन ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन बच्चों की नींद खराब कर सकती है, एंग्जायटी की समस्या बढ़ा रही है, पढ़ाई में ध्यान कम कर रही है और उनके व्यवहार पर भी नकारात्मक असर डाल सकती है। इतना ही नहीं, ज्यादा चीनी और कैफीन का मिश्रण मोटापे जैसी समस्याओं को भी बढ़ा सकता है जिससे कम उम्र में ही कई प्रकार की क्रॉनिक बीमारियों का खतरा हो सकता है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इंग्लैंड सरकार के इस फैसले से सीखते हुए अन्य देशों को भी सीख लेने की जरूरत है। दुनियाभर में कैफीन का सेवन और इसके कारण होने वाली दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं।

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एनर्जी ड्रिंक्स बच्चों के लिए होगी बैन - फोटो : freepik.com

बच्चों के लिए नुकसानदायक हैं एनर्जी ड्रिंक्स

बाजार में मिलने वाली कई लोकप्रिय एनर्जी ड्रिंक्स बच्चों के बीच काफी चर्चित रही हैं। इनकी पैकेजिंग आकर्षक होती है और सोशल मीडिया पर इनका खूब प्रचार किया जाता है। कई बच्चे इन्हें पढ़ाई के दौरान जागने, खेलते समय ज्यादा ऊर्जा पाने या दोस्तों के बीच ट्रेंड फॉलो करने के लिए भी पीते हैं। लेकिन विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि बच्चों का शरीर इतनी अधिक कैफीन को संभालने के लिए तैयार नहीं होता।
 

  • इसी वजह से इंग्लैंड की सरकार ने तय किया है कि तय सीमा से ज्यादा कैफीन वाली ड्रिंक अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं बेची जा सकेगी। 
  • नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि, इस फैसले का सभी ने स्वागत नहीं किया है। 


जहां शिक्षक संगठनों का कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई और व्यवहार में सुधार आएगा, वहीं सॉफ्ट ड्रिंक उद्योग का दावा है कि इस प्रतिबंध के पक्ष में पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत नहीं हैं।

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एनर्जी ड्रिंक्स से बच्चों की सेहत को खतरा - फोटो : Freepik.com

16 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं बेची जाएगी एनर्जी ड्रिंक

सरकार ने तय किया है कि जिन एनर्जी ड्रिंक्स में प्रति लीटर 150 मिलीग्राम से अधिक कैफीन होगी, उन्हें 16 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं बेचा जा सकेगा। इस नियम के तहत कई लोकप्रिय एनर्जी ड्रिंक्स इस सीमा से ऊपर होने के कारण प्रतिबंध के दायरे में आ जाएंगी। हालांकि ये चाय और कॉफी पर लागू नहीं होगा। 

दुकानदारों की जिम्मेदारी होगी कि वे ऐसी ड्रिंक्स 16 साल से कम उम्र के बच्चों को न बेचें। यदि कोई दुकानदार नियम तोड़ता है तो उस पर 2,500 पाउंड (करीब 2.9 लाख रुपये से अधिक) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य केवल मोटापे को कम करना नहीं है, बल्कि बच्चों में कई दूसरी समस्याओं को भी रोकना है। एनर्जी ड्रिंक्स कई तरह की दिक्कतें बढ़ाती जा रही हैं।
 

  • नींद का बार-बार खराब होना या पूरी नींद न आना।
  • एंग्जायटी यानी बिना किसी बड़े कारण के जरूरत से ज्यादा घबराहट, बेचैनी या तनाव महसूस होना।
  • पढ़ाई या किसी काम पर ध्यान केंद्रित न कर पाना।
  • स्कूल में प्रदर्शन का कमजोर होना।

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बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए एनर्जी ड्रिंक्स - फोटो : Freepik.com

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

इंग्लैंड की पब्लिक हेल्थ मिनिस्टर शेरोन हॉजसन कहती हैं, ज्यादा कैफीन वाली एनर्जी ड्रिंक बच्चों के हाथ में नहीं होनी चाहिए।

हर दिन हजारों बच्चे इन ड्रिंक्स का सेवन करते हैं। वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि इससे बच्चों में घबराहट बढ़ सकती है, उनकी नींद प्रभावित हो सकती है और पढ़ाई पर ध्यान कम हो सकता है। इसका सीधा असर उनकी शिक्षा पर पड़ता है। यह प्रतिबंध बच्चों के लिए नुकसानदायक ड्रिंक्स तक उनकी पहुंच कम करेगा और सरकार का लक्ष्य एक अधिक स्वस्थ नई पीढ़ी तैयार करना है।

ओबेसिटी हेल्थ अलायंस की कार्यकारी निदेशक कैथरीन जेनर ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह बच्चों की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी कदम है। कई अध्ययन पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि अगर लंबे समय तक या बहुत अधिक मात्रा में एनर्जी ड्रिंक पी जाए, तो इससे हृदय रोगों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैश्विक स्तर पर एनर्जी ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक्स का चलन बच्चों में तेजी से बढ़ता जा रहा है जो सेहत के लिए गंभीर खतरे का कारण हो सकती है। माता-पिता को भी ध्यान देना जरूरी है कि बच्चे इस तरह की नुकसानदायक चीजें न खाएं-पिएं।



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स्रोत: 
Energy drinks to be banned from sale to under-16s in England


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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