वजन घटाने के हजार जतन हैं। मुसीबत भी है और मुश्किल भी। डाइट पर कंट्रोल एक सीमा तक ही हो पाता है और जिम में मेहनत भी लिमिट तक। कई बार वजन घटाने के चक्कर में लोग मानसिक रूप से बीमार भी हो जाते हैं। कम उम्र में बहुत से लड़के-लड़कियों का वजन गलत लाइफ स्टाइल और खान-पान की गंदी आदतों के चलते बढ़ने लगता है। ऊपर से व्यायाम की कमी कें चलते बढ़ता वजन बीमारियों को आमंत्रण देता है। सवाल यह है कि आखिर वजन कम करने के लिए किया क्या जाए? आइए आपको बताते हैं वजन कम करने का सबसे सटीक तरीका। इस तरीके के आगे जिम, योग और एरोबिक्स जैसी एक्सरसाइज भी फीकी है।
ये है वजन घटाने का सबसे सही तरीका, कितना ही हो कोई मोटा इस एक्सरसाइज से हो जाएगा दुबला
दरअसल, वजन कम करने के लिए हर व्यक्ति एक तयशुदा तरीके से काम करता है। किसी के पास वेट लॉस करने का तरीका योग होता है, तो किसी के पास जिम, कुछ कार्डियो एक्सरसाइज करना पसंद करते हैं। सवाल यह है कि यह तो वह तरीका है जिसे आपने अपनी सहुलियत के हिसाब से चुना है। ऐसा कौन सा तरीका है जो शर्तिया आपका वजन घटाएगा।
वजन घटाने वाला एक वैज्ञानिक तरीके से कभी भी अपनी डाइट, खान-पान के तरीकों और लाइफ स्टाइल को गौर नहीं करता है कि आखिर उसके लिए क्या ठीक होगा। एक सामान्य सामाजिक अध्ययन बताता है कि लोग ऑफिस में एक-दूसरे को देखकर जिम जाना, योग करना और खान-पान शुरू करते हैं। दरअसल, यह ठीक नहीं है और ना ही कारगर। सवाल यह है कि आखिर किया क्या जाए?
वजन घटाने के लिए सबसे बेहतर तरीका है अपनी आदतों, खान-पान और शरीर की बनावट व बुनावट को समझना। मोटे कई लोग होते हैं लेकिन उनका वजन उनकी तुलना में दुबले व्यक्ति से कम होता है। दरअसल, वजन की जब भी बात आती है तो केवल फैट या चर्बी ही जिम्मेदार नहीं होती बल्कि इसमें व्यक्ति की मांसपेशियों, हड्डियों का वजन भी शामिल होता है। इसे बोन वेट, मसल्स वेट कहा जाता है। यह कई बार ज्यादा दिखता है लेकिन होता कम है। सवाल यह है कि ऐसी कौन सी एक्सरसाइज है जो हर तरह के शरीर के लिए एक जैसा फायदेमंद काम करेगी। आइए जानते हैं कौन सी है वह एक्सरसाइज?
दरअसल, वजन कम करने के लिए सबसे कारगर एक्सरसाइज है रनिंग। जी हां, दौड़ना सालों नहीं बल्कि सदियों से मनुष्य की फिटनेस का राज है। दौड़ना ही आपकी चर्बी को बेहतर तरीके से शेप में लाएगा और कम करेगा। दौड़ना एक ऐसी शारारिक गतिविधि है जो सीधे किसी भी व्यक्ति के मेटाबॉलिज्म यानी की चपाचय क्रिया को प्रभावित करता है। शरीर विज्ञान के मुताबिक मोटे होने का सीधा आशय है जो खाया जा रहा है वह ठीक से ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल नहीं हो रहा है। पचन की गति वैसी नहीं है जैसी होनी चाहिए, लिहाजा रनिंग उसी मेटाबॉलिज्म को फास्ट करने का तरीका है।