बाबा बैद्यनाथ मंदिर : जल्द खोलने की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार, भाजपा विधायक ने विधानसभा के बाहर डमरू बजाकर किया प्रदर्शन
बाबा बैद्यनाथ मंदिर खोलने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठन सोरन सरकार से आग्रह कर रहा है, लेकिन सरकार कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए मंदिर नहीं खोलने की अनुमित दे रही है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी जल्दी मंदिर खोलने की मांग पर सुनवाई करने से मना कर दिया है। वहीं, भाजपा विधायक ने सरकार से जल्द से जल्द मंदिर खोलने की मांग की।
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कोरोना महामारी के चलते राज्यों में अभी धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बंद ही रखा गया है। लोगों को इन स्थानों पर आने की अभी अनुमति नहीं है। कोरोना के दैनिक मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए झारखंड सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए श्रावण मास में भी बाबा बैद्यनाथ मंदिर को नहीं खोला। सरकार के फैसले के विरुद्ध बैद्यनाथ मंदिर और वासुकीनाथ मंदिर खोलने की मांग को लेकर कुछ धार्मिक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। मंदिरों को खोलने की मांग पर जल्द सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने साफ इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने कहा कि मामला प्रक्रिया के तहत तय तारीख पर सुना जाएगा। इसपर तुरंत सुनवाई जरूरी नहीं है।
Supreme Court refuses to grant an early hearing of a plea seeking reopening of the Baidyanath Jyotirlinga temple in Jharkhand pic.twitter.com/xCOYFQmOj6
— ANI (@ANI) September 7, 2021विज्ञापन
..तो देवघर में होगा प्रदर्शन
वहीं, दूसरी ओर देवघर से भाजपा विधायक नारायण दास रांची में विधानसभा के बाहर डमरू बजाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और मंदिर खोलने की मांग की। नारायण दास ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर ही नहीं, बल्कि देश के लिए आस्था का केंद्र है। मंदिर से हजारों लोगों का जीवन चल रहा है। मैं सरकार से जल्द ही मंदिर खोलने की मांग करता हूं। अगर इस सत्र में मंदिर नहीं खुला तो सरकार के खिलाफ देवघर में लगातार विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा।
बता दें कि भाजपा विधायक पिछले दो दिन से विधानसभा में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सोरेन सरकार की ओर से विधानसभा में अल्पसंख्यक विधायक, अधिकारी और कर्मचारियों को नमाज पढ़ने के लिए अलग कमरा देने के खिलाफ भाजपा सरकार पर हमलावर है। भाजपा की मांग है कि राज्य में कोरोना के मामले कम हो गए हैं फिर भी सरकार धार्मिक स्थलों को जानबुझकर नहीं खोलना चाहती है।