Jharkhand: झारखंड के सरकारी स्कूल में लगाई पाकिस्तानी समाजसेवी मलाला यूसुफजई की फोटो, विरोध के बाद हटानी पड़ी
कुजू पश्चिम पंचायत के मुखिया (प्रधान) जय कुमार ओझा ने बताया कि पूरा विश्व जानता है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंक फैलाने का काम करता है। भारत ने पाकिस्तान के कारण ही सीमाओं पर भारी कीमत चुकाई है। इसलिए हमें पाकिस्तानियों से शांति सीखने की आवश्यकता नहीं है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान की समाजसेवी मलाला यूसुफजई की तस्वीर झारखंड के एक सरकारी स्कूल में लगाई गई थी, जिसे स्थानीय लोगों के विरोध के बाद हटा दिया गया। स्कूल प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को प्रेरित करने के लिए पाकिस्तानी नोबेल पुरस्कार विजेता की तस्वीर लगाई थी। मामला झारखंड के रामगढ़ जिले की है।
यह है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, जिले के मांडू ब्लॉक के कोल बेल्ट कुजू स्थिच सरकारी स्कूल में मलाला की तस्वीर लगाई गई थी। इसके बाद गांव के मुखिया जय कुमार ओझा ने पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के साथ विरोध प्रदर्शन किया था। स्कूल के हेडमास्टर रवींद्र प्रसाद ने बताया कि हमारे विद्यालय की एक टीचर ने छात्राओं को प्रेरित करने के लिए उन्हें तस्वीर लगाने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तानी महिला समाज सेवक की तस्वीर लगाने के लिए अनुमति दी थी। लेकिन जब पंचायत और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो हमने मलाला की तस्वीर हटा दी थी।
इसलिए किया विरोध प्रदर्शन
कुजू पश्चिम पंचायत के मुखिया (प्रधान) जय कुमार ओझा ने बताया कि पूरा विश्व जानता है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंक फैलाने का काम करता है। भारत ने पाकिस्तान के कारण ही सीमाओं पर भारी कीमत चुकाई है। इसलिए हमें पाकिस्तानियों से शांति सीखने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए स्थानीय लोगों के साथ मिलकर हमने विरोध प्रदर्शन किया।