झारखंड: राजमहल में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गदाई दियारा पहुंचे एसडीओ; 200 परिवारों को राहत सामग्री
साहिबगंज के राजमहल में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। एसडीओ सदानंद महतो ने गदाई दियारा क्षेत्र का निरीक्षण कर करीब 200 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित की और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
विस्तार
गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से साहिबगंज जिले के राजमहल अनुमंडल क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। गंगा किनारे बसे कई गांवों में पानी प्रवेश करने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राजमहल अनुमंडल पदाधिकारी सदानंद महतो ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
एसडीओ ने गदाई दियारा क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया और स्थानीय ग्रामीणों से गंगा के जलस्तर तथा बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। इस दौरान करीब 200 बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच चूड़ा, गुड़, बिस्किट, पेयजल समेत अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। राहत सामग्री मिलने से प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली।
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने क्षेत्र में जलस्तर, आवागमन, पेयजल, खाद्य सामग्री और लोगों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा स्थिति पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया। साथ ही, आपात स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने को कहा।
एसडीओ सदानंद महतो ने जानें क्या कहा?
एसडीओ सदानंद महतो ने कहा कि प्रशासन संभावित बाढ़ को लेकर पूरी तरह सतर्क और तैयार है। प्रभावित परिवारों की जरूरत के अनुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उनकी सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने तथा ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
ये भी पढ़ें- बिहार में शौचालय की टंकी बनी मौत का कुआं: दम घुटने से चार मजदूरों की मौत; बचाने वाला युवक भी गंभीर
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी तरह की आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें और अनावश्यक रूप से बाढ़ प्रभावित अथवा तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी, राजमहल मोहम्मद यूसुफ समेत संबंधित अधिकारी और कर्मी मौजूद थे। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य जारी है।