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बड़े लोग पत्नी को खुलेआम चुंबन देते हैं, आदिवासी ने अपनी पत्नी को चूमा तो इतना बवाल क्यों?: साइमन
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Tue, 19 Dec 2017 07:02 PM IST
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लिट्टीपाड़ा में आयोजित चुंबन प्रतियोगिता
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झारखंड में चुंबन प्रतियोगिता को लेकर उठे विवाद पर सीएम के चुप्पी तोड़ने के बाद अब आयोजक झामुमो विधायक साइमन मरांडी भी सामने आए हैं। साइमन मरांडी ने कहा है कि बड़े लोग बड़े लोगों की पत्नी को भी खुलेआम चुंबन दे देते हैं। अगर वह जायज है तो आदिवासी अपनी पत्नी को चुंबन दे रहा है तो इतना आघात क्यों पहुंच रहा है? इतना बवाल क्यों मचाया जा रहा है?
यह भी पढ़ें: झारखंड में चुंबन प्रतियोगिता पर सीएम ने पहली बार तोड़ी चुप्पी, पूर्व सीएम ने लगाए आरोप
झारखंड के लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के डुमरिया गांव के सालाना मेले में चुंबन प्रतियोगिता आयोजित हुई थी, जो काफी सुर्खियों में रहा। हिंदू जागरण मंच के ऐसी प्रतियोगिता पर विरोध जताया। यहां तक की मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी इसे आदिवासी संस्कृति से खिलवाड़ करार दिया था।
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चुंबन प्रतियोगिता पर उठे विवाद पर झामुमो विधायक साइमन मरांडी ने दुमका में मीडिया से बातचीत में दो-टूक कहा कि, 'बड़े लोग बड़े लोगों की पत्नी को खुलेआम चुंबन दे देते हैं। अगर वह जायज है तो आदिवासी अपनी पत्नी को चुंबन दे रहा है तो इतना आघात क्यों पहुंच रहा है? इतना बवाल क्यों मचाया जा रहा है?'
मरांडी ने कहा कि इस आयोजन को और संताली प्रक्रिया को हिंदू दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुंबन प्रतियोगिता के आयोजक को सजा देने की बात चल रही है। मरांडी ने कहा कि संताल में सजा के लिए मांझी हाड़ाम के पास जाते हैं। वहां बात नहीं बनती है तो मोड़े मांझी, फिर उसके उपर लो वीर वैसी है। जहां पानी का पानी और दूध का दूध हो जाता है।
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झारखंड के लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के डुमरिया गांव के सालाना मेले में चुंबन प्रतियोगिता आयोजित हुई थी, जो काफी सुर्खियों में रहा। हिंदू जागरण मंच के ऐसी प्रतियोगिता पर विरोध जताया। यहां तक की मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी इसे आदिवासी संस्कृति से खिलवाड़ करार दिया था।
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चुंबन प्रतियोगिता पर उठे विवाद पर झामुमो विधायक साइमन मरांडी ने दुमका में मीडिया से बातचीत में दो-टूक कहा कि, 'बड़े लोग बड़े लोगों की पत्नी को खुलेआम चुंबन दे देते हैं। अगर वह जायज है तो आदिवासी अपनी पत्नी को चुंबन दे रहा है तो इतना आघात क्यों पहुंच रहा है? इतना बवाल क्यों मचाया जा रहा है?'
मरांडी ने कहा कि इस आयोजन को और संताली प्रक्रिया को हिंदू दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुंबन प्रतियोगिता के आयोजक को सजा देने की बात चल रही है। मरांडी ने कहा कि संताल में सजा के लिए मांझी हाड़ाम के पास जाते हैं। वहां बात नहीं बनती है तो मोड़े मांझी, फिर उसके उपर लो वीर वैसी है। जहां पानी का पानी और दूध का दूध हो जाता है।
'बीबीसी लंदन भी बोल रहा है कि चुंबन प्रतियोगिता ठीक है'
लिट्टीपाड़ा में आयोजित चुंबन प्रतियोगिता
साइमन मरांडी ने इस चुंबन प्रतियोगिता का आयोजक होने की बात को भी नकारा। उन्होंने कहा कि, 'आयोजक बताकर मेरा पुतला जलाया जा रहा है। विरोध जताने वालों को मेला का परचा देखना चाहिए। मैं न तो कमेटी का सदस्य था और न आयोजक। गांव में कार्यक्रम था और बुलाया गया था इसलिए गया था।' साइमन मरांडी ने सवाल किया है कि मजिस्ट्रेट क्या कर रहे थे? मेला में मजिस्ट्रेट थे तो उन्हें प्रतियोगिता रुकवानी चाहिए थी।
साइमन मरांडी ने कहा कि शहरों में बैठे लोगों का टिप्पणी करना बहुत आसान है। चुंबन प्रतियोगिता के उद्देश्य को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि, 'ये प्रतियोगिता पति और पत्नी के लिए थी। आज आदिवासी समाज में जल्द शादी और जल्दी ही तलाक की समस्या देखी जा रही है। सिर्फ हम ही नहीं बीबीसी लंदन भी बोल रहा है कि चुंबन प्रतियोगिता ठीक है।
इस विषय पर यहां के स्थानीय बीजेपी वाले लोगों को ही तकलीफ हो रही है। आयोजन के पीछे के उद्देश्य को साकारात्मक विचार रखने वाले लोग ही समझ सकते हैं। ये आदिवासी की भलाई और उनमें मनोवैज्ञानिक प्रभाव को डालने वाला आयोजन था।
आयोजन के वक्त भी माइक से कहा गया था कि प्यार भरा चुंबन पति-पत्नी के रिश्ते को प्रगाढ़ बनाने के लिए है। आयोजन की नीयत देखनी चाहिए।'
साइमन मरांडी ने कहा कि शहरों में बैठे लोगों का टिप्पणी करना बहुत आसान है। चुंबन प्रतियोगिता के उद्देश्य को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि, 'ये प्रतियोगिता पति और पत्नी के लिए थी। आज आदिवासी समाज में जल्द शादी और जल्दी ही तलाक की समस्या देखी जा रही है। सिर्फ हम ही नहीं बीबीसी लंदन भी बोल रहा है कि चुंबन प्रतियोगिता ठीक है।
इस विषय पर यहां के स्थानीय बीजेपी वाले लोगों को ही तकलीफ हो रही है। आयोजन के पीछे के उद्देश्य को साकारात्मक विचार रखने वाले लोग ही समझ सकते हैं। ये आदिवासी की भलाई और उनमें मनोवैज्ञानिक प्रभाव को डालने वाला आयोजन था।
आयोजन के वक्त भी माइक से कहा गया था कि प्यार भरा चुंबन पति-पत्नी के रिश्ते को प्रगाढ़ बनाने के लिए है। आयोजन की नीयत देखनी चाहिए।'