फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Jharkhand high court rebuked government as thousands of people die on road and no one is worried

झारखंड हाईकोर्ट ने कहा, सड़क पर मर रहे हजारों लोग, सरकार मौत के आंकड़े पर भी गंभीर नहीं

Thu, 16 Nov 2017 09:30 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
टीम डिजिटल, अमर उजाला Updated Thu, 16 Nov 2017 09:30 PM IST
विज्ञापन
Jharkhand high court  rebuked government as thousands of people die on road and no one is worried
झारखंड हाईकोर्ट
रांची-टाटा नेशनल हाईवे के बनने में हो रही देरी पर हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई), बैंकों और ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने सड़कों पर हुई मौत का आंकड़ा पेश किया। जिसे देखने के बाद जस्टिस बीबी मंगलमूर्ति और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने सरकार को लताड़ लगाई। 
विज्ञापन


अदालत ने कहा कि सरकार अपने पेश किए गए आंकड़े को ही गंभीरता से नहीं ले रही है। जर्जर सड़कों की वजह से हादसों में एक हजार से ज्यादा लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। लेकिन सरकार, एनएचएआई और मामले से जुड़े सभी पक्ष तमाशबीन बने हुए हैं। सड़क निर्माण की चिंता किसी को नहीं है। सभी एजेंसिया इस सड़क के साथ सौतेला व्यवहार कर रही हैं। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। कोर्ट ने कहा कि एनएचएआई स्वतंत्र है और यह वही तय करेगी कि सड़क निर्माण वह किस एजेंसी से कराएगी। किसी कराणवश यदि एनएचएाई अपने हाथ खड़े करताी है तो कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करेगी। हम लोगों को मौत के मुंह में नहीं धकेल सकते।
विज्ञापन


एमडी को क्यों नहीं जेल भेज दिया जाए 
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान रांची-टाटा सड़क का निर्माण कर रही कंपनी रांची एक्सप्रेस-वे के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) भी कोर्ट में मौजूद थे। सड़क निर्माण के लिए लोन देनेवाले बैंक, एनएचएआई और राज्य सरकार से संबंधित अधिकारी भी अदालत में मौजूद थे। सुनवाई के दौरान सभी अधिकारी अपने वकील के साथ कोर्ट के समक्ष खड़े थे लेकिन एमडी पीछे बैठे रहे। कोर्ट ने पूछा कि क्या कंपनी के एमडी ने अपनी संपत्ति का ब्योरा पेश किया है। जबाव में ये बताने पर कि अभी पेश नहीं किया गया है कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। अदालत ने एमडी को फटकार लगाई और कहा, 'कोर्ट के आदेश से मजाक कर रहे हैं, आपको यहीं से जेल भेज दिया जाएगा। कोर्ट ने एमडी के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी कर 27 नवंबर तक जबाव मांगा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ अवमाना की कार्रवाई की जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

सड़क बन रहा है या नहीं इससे किसी को मतलब नहीं

Jharkhand high court  rebuked government as thousands of people die on road and no one is worried
बैंकों की भूमिका संदिग्ध
सड़क निर्माण में बैंकों की भूमिका के बारे में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि, इस मामले में बैंकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। सड़क निर्माण कर रही कंपनी को 13 बैंकों ने लोन दिया, जिनमें कंपनी का मुख्य बैंक कैनरा बैंक है। कोर्ट ने कहा कि, 'ऐसा लगता है कि बैंकों ने लोन देते समय स्थल का भौतिक सत्यापन नहीं किया। बैंक लोन देते रहे और ब्याज वसूलते रहे हैं। जमीन पर काम हो रहा या नहीं इसमें किसी एजेंसी को कोई दिलचस्पी नहीं है। यह जनहित से जुड़ा मामला है इसलिए इसकी जांच करानी जरूरी है। 

आवश्यक मामलों की कीमत पर हो रही है सुनवाई 
कोर्ट ने कहा कि यह जनहित का मामला है। जर्जर सड़क पर मौत हो रही है। अदालत इस मामले पर हर महीने दो घंटे सुनवाई कर रही है। सुनवाई कई महत्वपूर्ण मामलों की कीमत पर हो रही है। हम जनहित के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन संबंधित लोग इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। 

सरकार ने पेश किया मौत का आंकड़ा 
कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने रांची-जमशेदपुर मार्ग पर हुई दुर्घटनाओं का आंकड़ा पेश किया। एक जनवरी 2011 से लेकर एक जनवरी 2017 रांची में 808 दुर्घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज की गई। जिसमें रांची जिले में 434 लोगों की मौत हो गई और 565 लोग घायल हुए। वहीं सरायकेला-खरसावां में 1088 दुर्घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज की गई, 587 लोगों की मौत हुई और 896 लोग घायल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed