Jharkhand News : जीएसटी की नई दरों के बाद कारोबारियों और ग्राहकों की अलग-अलग प्रतिक्रिया, बदलाव से गहमागहमी
Ranchi News : देशभर में सोमवार से नई जीएसटी दरें लागू हो गई हैं। रांची के बाजारों में सुबह से ही इसके असर को लेकर चर्चा हो रही है। कारोबारियों को इससे बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, वहीं आम लोग और गृहणियां घरेलू बजट पर असर की चिंता जता रहे हैं।
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देशभर में सोमवार से जीएसटी 2.0 के तहत नई दरें लागू हो गई हैं। राजधानी रांची के बाजारों में सुबह से ही इस विषय पर चर्चा हो रही है। कारोबारी, उपभोक्ता संगठन और आम लोग इसे अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कुछ लोग इसे राहत देने वाला कदम बता रहे हैं, तो कुछ ने चिंता जताई है कि इससे महंगाई बढ़ सकती है। अशोकनगर स्थित ऑटोमोबाइल शोरूम के संचालक अंकित मिश्रा ने कहा कि नई दरों से 350 सीसी से कम बाइक की कीमत थोड़ी कम होगी, जिससे ग्राहकों को राहत मिलेगी और बिक्री बढ़ सकती है। वहीं, 350 सीसी से ऊपर की लग्जरी बाइक पर 40 प्रतिशत जीएसटी लागू होने से बिक्री पर असर पड़ सकता है।
'जीएसटी दरों में कमी से बिक्री बढ़ सकती है'
ग्राहक अजय कुमार ने कहा कि गाड़ी खरीदने का इंतजार कर रहे लोग नई दरों से फायदा उठा सकेंगे। भारत इलेक्ट्रॉनिक के दुकानदार संदीप महतो ने कहा कि त्योहार के सीजन में जीएसटी दरों में कमी से बिक्री बढ़ सकती है और ग्राहक खुश रहेंगे। ग्राहक रश्मि सिन्हा ने भी माना कि टीवी और एसी सस्ते होने पर लोग खरीदारी करेंगे।
डेयरी आइटम के दुकानदार जीवन सरकार ने बताया कि पहले से खरीदे गए माल पर पुरानी दर लागू रहेगी, नया माल आने पर नई दर लागू होगी। दूध डायरेक्ट किसान से लिया जाता है, उसकी कीमत घटना मुश्किल है, लेकिन पनीर और दही जैसी चीजों की कीमत में कमी आ सकती है। आइसक्रीम और पैक्ड प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ने से ग्राहकों की शिकायतें भी मिल रही हैं।
घर की जरूरतों पर असर पड़ेगा- रेखा
फॉर्च्यून दुकानदार राधेश्याम अग्रवाल ने बताया कि तेल, साबुन और चावल पर पहले से ही पांच प्रतिशत जीएसटी था, इसमें ज्यादा बदलाव नहीं होगा। गृहणी रेखा देवी ने कहा कि घर का बजट पहले ही टाइट है, अगर दूध या मक्खन महंगे होंगे तो बच्चों और घर की जरूरतों पर असर पड़ेगा।
मरीजों के लिए राहत की बात- दवा दुकानदार
दवा दुकानदार संदीप मिश्रा ने कहा कि जरूरी दवाओं को छूट दी गई है, जो मरीजों के लिए राहत की बात है। हालांकि, कॉस्मेटिक और हेल्थ सप्लीमेंट्स पर टैक्स बढ़ा है। मरीज की परिजन सुनीता कुमारी ने कहा कि जरूरी दवाओं की कीमत नहीं बढ़ी, लेकिन बच्चों के टॉनिक और विटामिन्स महंगे हो गए हैं। बीमा एजेंट अरविंद तिवारी ने बताया कि जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम पर टैक्स बढ़ा है, जिससे ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। पॉलिसीधारक मोहन लाल ने कहा कि बीमा जरूरी है, लेकिन अगर प्रीमियम बढ़ेगा तो आम आदमी दो बार सोचेगा।
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जीएसटी दरों का असर मिश्रित है-आदित्य
फेडरेशन ऑफ ट्रेडर्स एसोसिएशन झारखंड के अध्यक्ष आदित्य अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी दरों का असर मिश्रित है। कुछ क्षेत्रों को राहत मिली है, लेकिन छोटे कारोबारियों पर बोझ बढ़ सकता है। सरकार को छोटे कारोबारियों के लिए विशेष प्रावधान करने चाहिए। रांची कॉलेज के छात्र आकाश चौधरी ने कहा कि मोबाइल और लैपटॉप जैसी चीजों पर टैक्स घटने से युवाओं के लिए पढ़ाई और ऑनलाइन काम आसान होंगे।
नई जीएसटी दरों को लेकर बाजार में उत्साह और असमंजस दोनों दिख रहे हैं। कारोबारियों को बिक्री बढ़ने की उम्मीद है, वहीं आम लोग और गृहणियां घरेलू बजट पर असर की चिंता कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इसका वास्तविक असर सामने आएगा।
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