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Jharkhand: अवैध खनन के दौरान खदान धंसने की आशंका, एनडीआरएफ और बीसीसीएल ने शुरू किया बचाव अभियान
Fri, 25 Jul 2025 05:15 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 25 Jul 2025 05:15 PM IST
सार
धनबाद जिले में बीसीसीएल की बंद पड़ी ब्लॉक-2 खदान में अवैध खनन के दौरान खदान की छत धंसने से कई मजदूरों के फंसने की आशंका जताई गई है। यह घटना 22 जुलाई की शाम को हुई थी।
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(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : (सोशल मीडिया)
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विस्तार
झारखंड के धनबाद जिले में अवैध कोयला खनन के दौरान कथित रूप से खदान में फंसे मजदूरों की तलाश के लिए शुक्रवार को एनडीआरएफ और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की संयुक्त टीम ने बचाव अभियान शुरू कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह तलाशी अभियान BCCL की बंद पड़ी ब्लॉक-2 अंडरग्राउंड खदान में चलाया जा रहा है।
एनडीआरएफ की 35 सदस्यीय टीम और बीसीसीएल के खदान बचाव दल के 15 सदस्य शुक्रवार सुबह 11:30 बजे से तलाशी में जुटे हुए हैं। इससे पहले गुरुवार देर शाम भी एक असफल प्रयास किया गया था।
इस घटना को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने इस कथित खदान हादसे में कई लोगों की मौत की आशंका जताई है, जबकि प्रशासन ने किसी भी मौत की पुष्टि नहीं की है। यह हादसा 22 जुलाई की शाम को हुआ था, जब ब्लॉक-2 की एक बंद खदान की छत धंस गई, जिससे कई मजदूर कथित रूप से फंस गए।
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गिरिडीह के सांसद सी. पी. चौधरी ने बुधवार को बाघमारा थाना परिसर में धरना देते हुए तत्काल बचाव कार्य शुरू करने की मांग की थी, जिसके बाद एनडीआरएफ को मौके पर तैनात किया गया। बाघमारा थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि सांसद ने तीन संभावित स्थानों की पहचान की है, जहां मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। तलाशी अभियान एक स्थान से शुरू किया गया है और बाकी स्थानों पर भी जल्द तलाशी शुरू की जाएगी।
ये भी पढ़ें: झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के नतीजे घोषित, आशीष अक्षर ने किया टॉप; 342 उम्मीदवार सफल
एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि आवश्यक संसाधनों की कमी, जैसे जेसीबी मशीनें न होने के कारण खोज अभियान की रफ्तार धीमी है। इस बीच, जमशेदपुर पश्चिम से विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय ने गुरुवार को इस घटना में 15 लोगों की मौत और साक्ष्य मिटाने के लिए ताजा मिट्टी से शवों को ढंकने का आरोप लगाते हुए इसे “बड़ी साजिश” करार दिया। वहीं सांसद चौधरी ने बुधवार को दावा किया था कि कम से कम नौ मजदूरों की जान गई है।
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एनडीआरएफ की 35 सदस्यीय टीम और बीसीसीएल के खदान बचाव दल के 15 सदस्य शुक्रवार सुबह 11:30 बजे से तलाशी में जुटे हुए हैं। इससे पहले गुरुवार देर शाम भी एक असफल प्रयास किया गया था।
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इस घटना को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने इस कथित खदान हादसे में कई लोगों की मौत की आशंका जताई है, जबकि प्रशासन ने किसी भी मौत की पुष्टि नहीं की है। यह हादसा 22 जुलाई की शाम को हुआ था, जब ब्लॉक-2 की एक बंद खदान की छत धंस गई, जिससे कई मजदूर कथित रूप से फंस गए।
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गिरिडीह के सांसद सी. पी. चौधरी ने बुधवार को बाघमारा थाना परिसर में धरना देते हुए तत्काल बचाव कार्य शुरू करने की मांग की थी, जिसके बाद एनडीआरएफ को मौके पर तैनात किया गया। बाघमारा थाना प्रभारी अजीत कुमार ने बताया कि सांसद ने तीन संभावित स्थानों की पहचान की है, जहां मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। तलाशी अभियान एक स्थान से शुरू किया गया है और बाकी स्थानों पर भी जल्द तलाशी शुरू की जाएगी।
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एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि आवश्यक संसाधनों की कमी, जैसे जेसीबी मशीनें न होने के कारण खोज अभियान की रफ्तार धीमी है। इस बीच, जमशेदपुर पश्चिम से विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय ने गुरुवार को इस घटना में 15 लोगों की मौत और साक्ष्य मिटाने के लिए ताजा मिट्टी से शवों को ढंकने का आरोप लगाते हुए इसे “बड़ी साजिश” करार दिया। वहीं सांसद चौधरी ने बुधवार को दावा किया था कि कम से कम नौ मजदूरों की जान गई है।