ED: झारखंड में ईडी की कार्रवाई, CM सोरेन के मीडिया सलाहकार समेत JMM नेताओं के करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी
ईडी की एक टीम सोरेन के मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू के यहां भी पहुंची है। अभिषेक प्रसाद के घर के साथ ईडी की टीमें 12 अलग-अलग जगहों पर रेड कर रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ईडी की एक टीम ने रांची में सीएम सोरेन के मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू के आवास पर भी छापेमारी की। अभिषेक प्रसाद के घर के साथ ईडी की टीमें ने 12 अलग-अलग जगहों पर एक साथ छापा मारा। इसके अलावा साहेबगंज के डिप्टी कमिश्नर के आवास पर भी छापेमारी की गई। ईडी की टीम अभिषेक प्रसाद के आवास पर कई घंटों तक तलाशी के बाद बुधवार देर रात रवाना हो गई है।
#WATCH | Ranchi: The Enforcement Directorate (ED) team leaves Jharkhand Chief Minister Hemant Soren's media advisor Abhishek Prasad's residence. pic.twitter.com/FX8F5ezSlI
— ANI (@ANI) January 3, 2024
झारखंड में राजधानी रांची के अलावा राजस्थान के एक परिसर में भी ईडी की टीम पहुंची। छापेमारी की कार्रवाई के दौरान ईडी अधिकारियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों का एक सशस्त्र दल भी साथ में है।
#WATCH | Ranchi: ED raids are underway at Jharkhand CM Hemant Soren's press advisor's residence Abhishek Prasad alias Pintu in connection with an illegal mining case.
— ANI (@ANI) January 3, 2024
Searches are being carried out at 12 locations including Abhishek Prasad's residence and the residence of… pic.twitter.com/fRuJWQkxw8
क्या है अवैध खनन मामला?
ईडी 2022 से राज्य में कथित अवैध खनन से अर्जित आपराधिक आमदनी के 100 करोड़ रुपये के स्रोत की जांच कर रही है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच तब शुरू हुई जब ईडी ने जुलाई, 2022 में राज्य में अवैध खनन के मामले में सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा और उनके कथित सहयोगियों के परिसरों पर छापा मारा था। इसमें टोल प्लाजा निविदाओं के संचालन में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत झारखंड के साहिबगंज, बरहेट, राजमहल, मिर्जा चौकी और बरहरवा में 19 स्थानों पर छापेमारी की गई।
ईडी ने कहा था कि जांच में मिले सबूतों में कई लोगों के बयान, डिजिटल सबूत और दस्तावेज शामिल किए गए हैं। इन सबूतों से पता चला कि आरोपियों से जब्त की गई धनराशि वन क्षेत्र सहित साहिबगंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर किए जा रहे अवैध खनन से प्राप्त की गई थी।