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Jharkhand: सीएम हेमंत सोरेन बोले- 1932 की खतियान आधारित अधिवास नीति का विरोध करने वाले झारखंड के विरोधी

Fri, 16 Dec 2022 03:03 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, गोड्डा।
पीटीआई, गोड्डा। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 16 Dec 2022 03:03 AM IST
सार

हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के गठन के बाद इसकी बागडोर ऐसे लोगों के हाथों में रही जिन्होंने सिर्फ गंदगी फैलाने का काम किया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने उस कचरे को साफ करने का उन्हें मौका दिया है और वह इस दिशा में प्रयत्नशील हैं।

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CM Hemant Soren says Those opposing 1932 Khatiyan-based domicile policy opponents of Jharkhand
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)

विस्तार

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को कहा कि पृथक झारखंड राज्य के लिए लंबी लड़ाई लड़ी गई, अनेक लोगों ने इस आंदोलन में अपनी आहुति दी तब जाकर यह सपना पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे में यदि कोई यहां के 1932 के खतियान का विरोध करता है तो वह न सिर्फ राज्य का विरोधी है बल्कि उन विभूतियों का भी अपमान करता है जिन्होंने अलग राज्य के लिए अपनी आहुति दी है।

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मुख्यमंत्री सोरेन गोड्डा के गांधी मैदान में आयोजित खतियान जोहार यात्रा के दौरान लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के गठन के बाद इसकी बागडोर ऐसे लोगों के हाथों में रही जिन्होंने सिर्फ गंदगी फैलाने का काम किया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने उस कचरे को साफ करने का उन्हें मौका दिया है और वह लगातार राज्य में फैली गंदगी को साफ कर उसे बेहतर और उज्जवल झारखंड बनाने की दिशा में प्रयत्नशील हैं। उन्होंने कहा कि हमने लोगों से जो भी वादा किया था, उसे पूरा किया है।
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सोरेन ने कहा कि अब यह केंद्र की जिम्मेदारी है कि वह 1932 को कट ऑफ वर्ष के रूप में भूमि रिकॉर्ड तय करने और संविधान की नौवीं अनुसूची में आरक्षण बढ़ाने के लिए झारखंड की नीतियों को शामिल करे। झारखंड विधानसभा ने हाल ही में राज्य में रिक्त सरकारी पदों और सेवाओं में आरक्षण बढ़ाकर 77 प्रतिशत करने सहित दो विधेयकों को मंजूरी दी है। संविधान की नौवीं अनुसूची में केंद्रीय और राज्य कानूनों की एक सूची है जिन्हें अदालतों में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
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केंद्र सरकार झारखंड के साथ हमेशा से सौतेला व्यवहार करती है: सीएम सोरेन
उन्होंने केंद्र पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने पिछले 20 वर्षों से राज्य की संपत्ति को लूटा है। भाजपा शासित प्रदेशों में लाखों-करोड़ों रुपये बिजली बिल बकाया है लेकिन वहां बिजली काटी नहीं जाती। लेकिन झारखंड पर 100-200 करोड़ रुपये कर्ज होने के बाद भी केंद्र सरकार यहां की बिजली काटती है। उन्होंने कहा कि पैसा भुगतान होने के बाद भी झारखंड को अनाज नहीं मिलता इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या होगा?


राज्य में पिछली भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए सोरेन ने आरोप लगाया कि भगवा खेमे ने राज्य में 10 लाख राशन कार्डों को अमान्य घोषित कर दिया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने गलती को सुधारा और 20 लाख राशन कार्ड जारी किए।

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