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रात्रि कर्फ्यू के बाद झिड़ी में पुलिस ने बढ़ाई सख्ती
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दोमाना। एक ओर जहां कोविड के चलते उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक झिड़ी मेले का आयोजन नहीं हो रहा है वहीं, एक दिन पहले रात्रि कर्फ्यू बढ़ने पर पुलिस और प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। हालांकि पूर्णिमा के दिन पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं के आने पर कोई बंदिश नहीं लगाई गई है। लेकिन इस बार श्रद्धालुओं को वहां रुकने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्हें दर्शन के बाद वापस भेजा जा रहा है।
कोविड के कारण लगातार दूसरे वर्ष भी झिड़ी मेला नहीं होगा। इसके बावजूद प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का लगातार चौथे बुधवार को भी आना जारी रहा है। सैकड़ों भक्तों ने बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी के दरबार में शीश नबाया है। उधर, प्रशासन द्वारा जारी निर्देश पर एसडीएम मढ़ नसीर अली, एसडीपीओ दोमाना सुनील सिंह, एसएचओ कानाचक विश्व प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं, श्रद्धालुओं को वहां पर नहीं रुकने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुनादी करवाई जा रही है। इसलिए किसी भी श्रद्धालु को न तो वहां रहने दिया जाएगा और न ही लोगों को टेंट लगाने दिए जाएंगे। सराए में भी श्रद्धालु नहीं रुक पाएंगे। बुधवार शाम दिल्ली, पंजाब सहित अन्य राज्यों से हजारों की तादाद में श्रद्धालु झिड़ी पहुंचे। लेकिन श्रद्धालुओं को रात को वहां पर नहीं रुकने दिया गया। प्रशासन की सख्ती के कारण श्रद्धालुओं को रात को ही दर्शन कर वापस लौटना पड़ा है। पुलिस द्वारा कोविड नियमों का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। रात भर कानाचक पुलिस थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी झिड़ी में मौजूद रहे।
पूर्णिमा के दिन सुबह छह और शाम सात बजे होगी पूजा
मंदिर के महंत योगेश ने बताया कि 19 नवंकर को कार्तिक पूर्णिमा पर सुबह की पूजा छह और शाम की सात बजे होगी। इस बार मेला नहीं होगा, लेकिन कोविड दिशानिर्देशों का पालन कर श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला अब जारी रहेगा। मेले जैसा माहौल नहीं होगा, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचेंगे। मंदिर प्रबंधन ने इसको लेकर तैयारी कर ली है। मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था भी की जाएगी। मंदिर परिसर में स्टाल और झूले नहीं लगेंगे।
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कोविड के कारण लगातार दूसरे वर्ष भी झिड़ी मेला नहीं होगा। इसके बावजूद प्रदेश सहित अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का लगातार चौथे बुधवार को भी आना जारी रहा है। सैकड़ों भक्तों ने बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी के दरबार में शीश नबाया है। उधर, प्रशासन द्वारा जारी निर्देश पर एसडीएम मढ़ नसीर अली, एसडीपीओ दोमाना सुनील सिंह, एसएचओ कानाचक विश्व प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। वहीं, श्रद्धालुओं को वहां पर नहीं रुकने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुनादी करवाई जा रही है। इसलिए किसी भी श्रद्धालु को न तो वहां रहने दिया जाएगा और न ही लोगों को टेंट लगाने दिए जाएंगे। सराए में भी श्रद्धालु नहीं रुक पाएंगे। बुधवार शाम दिल्ली, पंजाब सहित अन्य राज्यों से हजारों की तादाद में श्रद्धालु झिड़ी पहुंचे। लेकिन श्रद्धालुओं को रात को वहां पर नहीं रुकने दिया गया। प्रशासन की सख्ती के कारण श्रद्धालुओं को रात को ही दर्शन कर वापस लौटना पड़ा है। पुलिस द्वारा कोविड नियमों का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है। रात भर कानाचक पुलिस थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस अधिकारी झिड़ी में मौजूद रहे।
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पूर्णिमा के दिन सुबह छह और शाम सात बजे होगी पूजा
मंदिर के महंत योगेश ने बताया कि 19 नवंकर को कार्तिक पूर्णिमा पर सुबह की पूजा छह और शाम की सात बजे होगी। इस बार मेला नहीं होगा, लेकिन कोविड दिशानिर्देशों का पालन कर श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला अब जारी रहेगा। मेले जैसा माहौल नहीं होगा, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचेंगे। मंदिर प्रबंधन ने इसको लेकर तैयारी कर ली है। मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था भी की जाएगी। मंदिर परिसर में स्टाल और झूले नहीं लगेंगे।
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