जाकिर मूसा ने ऑडियो क्लिप में अबु दुजाना को बताया अलकायदा का शहीद
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कश्मीर में आतंकियों और सुरक्षाबल के बीच मुठभेड़ की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। वहीं घाटी में लश्कर, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के बाद अल-कायदा भी अपने कदम बढ़ाने की लगातार कोशिश कर रहा है। आतंकी अबु दुजाना और आरिफ की मौत के बाद अल-कायदा घाटी में और सक्रिय हो गया है।
अबु दुजाना की मौत के बाद शुक्रवार देर शाम आतंकी जाकिर मूसा ने एक ऑडियो क्लिप जारी किया जिसने दुजाना को अल-कायदा का पहला शहीद करार दिया। ऑडियो जारी होने के बाद मूसा के समर्थकों ने इस क्लिप को व्हाट्सऐप और टेलीग्राम पर बने अपने सिक्रेट ग्रुप में भी शेयर किया।
वहीं अबु दुजाना के ऑडियो क्लिप में भी यह बात सामने आई है कि मारे गए दोनों ही आतंकियों ने लश्कर-ए-तैयबा को छोड़ ओसामा बिन लादेन द्वारा 1988 में बनाए गए संगठन अल-कायदा को साथ पकड़ लिया था।
1 अगस्त को हुई मुठभेड़ के दौरान दुजाना और आरिफ के बीच फोन पर हुई बातचीत हुई थी। जिसमें पता चला है कि अबु दुजाना अल कायदा के कश्मीरी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ गया था। बता दें कि हिजबुल मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर आतंकी जाकिर मूसा, अल-कायदा के इस संगठन को कश्मीर में शुरू किया है। वहीं शुक्रवार देर शाम जाकिर मूसा द्वारा जारी किया गया ऑडियो क्लिप भी इस बात की पुष्टि करता है।
मेरे जनाजे में पाकिस्तानी झंडा नहीं लहराया जाना चाहिए: अबु दुजाना
गौरतलब है कि दक्षिणी कश्मीर में मुठभेड़ शुरू होने से पहले लश्कर कमांडर अबु दुजाना और मारे गए उसके साथी आरिफ ललिहारी का एक और ऑडियो वायरल हुआ है। आरिफ ललिहारी ने कश्मीरी में बोलते हुए कहा कि मैं आरिफ हूं। मैं अपने मां-बाप से यह कहना चाहता हूं जहां हम हैं उस मकान मालिक ने कोई गलती नहीं की है। उनके साथ कोई ज्यादती नहीं होनी चाहिए।
मेरे जनाजे में पाकिस्तानी झंडा नहीं लहराया जाना चाहिए। बेहतर यही होगा कि मुझे अब्बास भाई के साथ दफनाया जाए। जनाजे में केवल इस्लामी झंडे लहराए जाने चाहिए। दुजाना भाई को कहीं और नहीं दफनाने देना, उसे यहीं रखना।
अबु दुजाना ने उर्दू में कहा कि यह तो मौत है जिसकी जिंदगी है उसकी तो मौत आनी ही है। अल्लाह ने मुझे शहीद होने का मौका दिया। टेंशन की कोई बात नहीं। मैं खुश हूं अल्लाह ने मुझे यह मौका दिया है। अल्लाह ताला मेरी शहादत कबूल करे।
ललिहारी बोला- कोई भी हड़ताल नहीं करना, हम अलकायदा के साथ हैं
मैं तमाम लोगों से कहता हूं हम कल रात 10.30 बजे इस घर में पहुंचे। किसी ने हमें देखा। इसमें इस घर वाले का कोई कसूर नहीं है। मेहरबानी करके घर वाले के साथ कोई ज्यादती न करना क्योंकि हम इस घर में आए हैं ना कि इसने हमें बुलाया था। हो सके तो इन लोगों की मदद करना।
अल्लाह ताला हम सबको सही राह पर रखे। बाकी सबसे सलाम कहना। मैं यह चाहता हूं मेरे नाम पर कोई हड़ताल नहीं करना। अल्लाह के लिए मैं गुनहगार बंदा हूं। मेरे लिए कोई हड़ताल न करना। सब लोगों को मेरा सलाम।
ललिहारी बोला-हम अलकायदा के साथ हैं
आरिफ ललिहारी ने कहा कि कोई भी हड़ताल नहीं करना। कोई किसी को तकलीफ नहीं देगा। हम तकलीफ देने के लिए नहीं उसके खिलाफ त के लिए निकले हैं। बाकी घर वालों की मदद की जाए। मूसा भाई (जाकिर मूसा) से भी गुजारिश है मकान मालिक की मदद करें। इन घर वालों की कोई गलती नहीं है। हम अलकायदा के साथ हैं।