यासिन मलिक की गिरफ्तारी पर हिंसा भड़की
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अलगावादी नेता यासिन मलिक की गिरफ्तारी के बाद श्रीनगर में हिंसा भंड़क उठी है। दरअसल यासिन मलिक अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के विरोध कर रहे थे। लगातार घाटी में में विधानसभा चुनावों का विरोध किया जा रहा है। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक शहर में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ये कदम उठाया है।
इन अलगाववादी की गिरफ्तारी के कुछ समय बाद के इनके समर्थक श्रीनगर की सड़को पर उतर आए और भारत सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी। पुलिस ने भीड़ को हटाने क कोशिश की तो नेताओं के समर्थक ने सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी शुरु कर दी। जिसके बाद पुलिस को अराजक भीड़ पर लाठी चार्ज करना पड़ा।
वहीं,जेकेएलएफ के चैयरमैन यासिन मलिक का आरोप है कि वह सुबह अपने ऑफिस में बैठे हुए तभी पुलिस ने आकर अचानक गिरफ्तार कर लिया। यासिन मलिक के साथ पार्टी के कुछ और नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। फोटो-सोशल मीडिया
चुनावों से राहत कामों पर पड़ेगा असर
अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी मीरवाएंज उमर फारुकी ने नंबवर-दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के बॉयकाट करने ले लिए बंद बुलाया था। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर के पुलिस चीफ ने कहा था कि राज्य में होने वाले आगामी चुनावों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करने के लिए किसी तरह के अराजक तत्वों को बर्दाशत नहीं करेगी।
इन अलगावादी नेताओं का आरोप है कि सरकार अपने स्वार्थ के लिए राज्य में चुनाव करवा रह है। जबकि हाल ही आई बाढ़ से लोगों की मदद में लगी मशीनरी चुनाव के कामों में जुट जएगी। जिससे राहत कामों बाधा खड़ी हो जाएगी।
राज्य में चुनाव की तारीखों का ऐलान होने से स्थानीय लोग काफी नाराज हैं। लोगों का कहना है कि इस वक्त बेघर लोगों को राहत देना बहुत जरूरी ना कि चुनाव कराना। सर्दी का मौसम शुरू हो गया है और करीब एक लाख लोग अस्थाई रूप टेंटों में रह रहे हैं। अब प्रशासन को देखना है कि वो चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ बाढ़ पीड़ितों को भी राहत जारी रखें।