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कश्मीर: अनंतनाग के मट्टन के मार्तंड सूर्य मंदिर में 700 साल बाद फिर पूजा शुरू, अब तक तीन बार हो चुकी सामूहिक पूजा
Mon, 09 May 2022 10:44 PM IST
Vikas Kumar
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू
बृजेश कुमार सिंह, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 09 May 2022 10:44 PM IST
सार
चार दिन पहले शंकराचार्य जयंती पर देशभर से जुटे 108 पंडितों ने सूर्यमंदिर पहुंचकर हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा भी आठ मई को मंदिर में नवग्रह अष्टमंगलम पूजा में शामिल हुए।
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हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ करते पुजारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कश्मीर में बदली फिजा के बीच अब फिर से मंत्रोच्चार गूंजने लगे हैं। हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से भी वादियां गूंज रही हैं। आतंकवाद ग्रस्त रहे अनंतनाग के मट्टन स्थित मार्तंड सूर्यमंदिर में एक अनुमान के अनुसार लगभग सात सौ साल बाद इस साल से पूजन की पहल शुरू हुई है। अब तक तीन बार सामूहिक पूजा-अर्चना हो चुकी है।
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चार दिन पहले शंकराचार्य जयंती पर देशभर से जुटे 108 पंडितों ने सूर्यमंदिर पहुंचकर हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा भी आठ मई को मंदिर में नवग्रह अष्टमंगलम पूजा में शामिल हुए। हालांकि, मंदिर अभी आम लोगों के लिए नहीं खोला गया है। पुरातत्व विभाग मंदिर की देखरेख कर रहा है।
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मट्टन में मार्तंड तीर्थ से करीब एक किलोमीटर दूर मार्तंड सूर्य मंदिर है। इसे काराकोट राजवंश के महाराजा ललितादित्य ने आठवीं शताब्दी में बनवाया था। बताते हैं कि इस मंदिर को मुगल शासनकाल में सिकंदर शाह मीरी ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। तब से पूजा पाठ बंद हो गया। अब भी यह मंदिर क्षतिग्रस्त स्थिति में है। पुरातत्व विभाग ने इस मंदिर को अपने अधीन ले रखा है और वो ही इसके सारे इंतजाम करता है।
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मार्तंड तीर्थ के पुजारी पंडित अजय शास्त्री बताते हैं कि इस साल मंदिर में पूजा-पाठ की पहल शुरू की गई है। अब तक तीन बार यहां पूजा अर्चना हो चुकी है। पहली बार आठ फरवरी को कर्नाटक के मैसूर स्थित अवधूता दत्ता पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी गणपति सच्चिदानंद ने पूजा अर्चना की। लघु रुद्राभिषेक, सत्यनारायण व भगवान भास्कर की पूजा के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसके बाद शंकराचार्य जयंती पर छह मई को राजस्थान के करोली के स्वामी रुद्रनाथ महाराज के नेतृत्व में 108 ब्राह्मण पहुंचे। इनमें वृंदावन, मथुरा, काशी व ऋषिकेश समेत अन्य स्थानों के ब्राह्मण शामिल थे। सभी ने रुद्राभिषेक के साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ किया। सामूहिक रूप से 324 बार हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। प्रत्येक ब्राह्मण ने तीन बार यह पाठ किया।
उप-राज्यपाल पहुंचे तो कुंड में जल भरा गया
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने आठ मई को नवग्रह अष्टमंगलम पूजा की तो उस समय देशभर के संतों के साथ ही कश्मीरी पंडित समुदाय के लोगों के साथ स्थानीय निवासी भी मौजूद रहे। हर-हर महादेव के नारे लगाने के साथ ही शंखों की ध्वनि वातावरण में गूंजी। मंदिर में स्थित कुंड में भी जल भरा गया। कश्मीरी पंडित समुदाय से जुड़े पूर्व एमएलसी सुरिंदर अंबरदार उम्मीद जताते हैं कि उप-राज्यपाल के दौरे के बाद अब इस मंदिर की दशा सुधरेगी। साथ ही इस मंदिर में पूजा-पाठ नियमित रूप से हो सकेगी।
मंदिर के परिक्रमा मार्ग में 365 मूर्तियां
मंदिर में 365 मूर्तियां परिक्रमा मार्ग में हैं। द्वारपाल जय-विजय के साथ गंगा व यमुना जी की मूर्ति भी है। इसके साथ ही गणपति, कृष्ण, हनुमान, शंकर समेत अन्य भगवानों की भी मूर्तियां हैं। हालांकि, ये मूर्तियां अब जर्जर स्थिति में हैं। किसी के हाथ गायब हैं तो किसी के मुंह। जर्जर हाल में इन मूर्तियों को भी अपने दिन बहुरने का इंतजार है।