विश्व विरासत दिवस: यहां महाराजा गुलाब सिंह ने बिताए थे कई वर्ष, लेकिन इस बात से दुखी हैं लोग
18वीं शताब्दी में महाराजा गुलाब सिंह ने जम्मू-कश्मीर में राज किया था। एक समय में किसी आपात स्थिति में महाराजा गुलाब सिंह को मोंगरी के परंड गांव पहुंचे थे, जहां उन्होंने कई साल गुजारे थे।
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उधमपुर जिला मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर मोंगरी तहसील में परंड ऐसा गांव है, जहां चिनाब दरिया से आधा किलोमीटर दूर महाराजा गुलाब सिंह ने कुछ वर्ष बिताए थे। इस कारण गांव को महाराज गुलाब सिंह के गांव के नाम से भी जाना जाता है। कई सालों से ग्रामीण गांव को हेरिटेज विलेज बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक किसी ने भी सुध नहीं ली है। परंड गाव में महाराजा की तलवार, ढाल, मंदिर व अन्य कई धरोहरें मौजूद हैं, जो संरक्षण की राह देख रही हैं।
महाराजा गुलाब सिंह ने परंड गांव में एक कमरा, एक जेल रूम, काली माता का मंदिर, एक बावली और सैरगाह रोड का निर्माण करवाया था। इसके अलावा कई देवी देवताओं की मूर्तियां भी स्थापित करवाई थीं। महाराज गुलाब सिंह की तलवार व ढाल आज भी गांव में मौजूद है। इस स्थान की रखवाली स्वयं ग्रामीण करते हैं।
ग्रामीणों ने सहेज कर रखी हैं प्राचीन धरोहरें
इस स्थान के संरक्षण के लिए ग्रामीणों ने महाराजा गुलाब सिंह हेरिटेज कमेटी परंड का गठन किया है। 18वीं शताब्दी में महाराजा गुलाब सिंह परंड में आकर काफी समय तक रुके थे। जिस घर में वह रुके थे, वह जल चुका है। लेकिन लोगों ने उसे सहेज कर रखा है। महाराजा की तलवार और ढाल इसी घर में रखी गई है, जो हर साल उनकी जयंती पर दर्शन के लिए बाहर रखी जाती है और उसकी पूजा-अर्चना की जाती है। ग्रामीण आज भी इसके संरक्षण का इंतजार कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले ही महाराजा गुलाब सिंह की धरोहरों के बारे में डीसी को अवगत करवाया है। उन्होंने इसके संरक्षण के लिए पर्यटन निदेशक और पुरात्व विभाग के निदेशक को स्थिति का जायजा लेने को कहा है। अभी तक किसी अधिकारी ने क्षेत्र का दौरा नहीं किया है। उम्मीद है कि जल्द ही कोई अधिकारी यहां पहुंच कर संरक्षण के लिए प्रयास करेगा। ग्रामीणों ने 12 वर्ष पहले महाराजा गुलाब सिंह हेरिटेज कमेटी का गठन कर इस गांव को हेरिटेज विलेज का दर्जा दिलाने के लिए प्रयास शुरू किए हैं।
कमेटीहेरिटेज - हंस राज ठाकुर, चेयरमैन, महाराजा गुलाब सिंह
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