इनकी सुरक्षा के लिए विश्व बैंक देगा फंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश की बांधों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए विश्व बैंक फंड करने को तैयार है। बांध को रिपेयर कराने से लेकर नए यंत्र लगाने तक के लिए धन मिलेगा। राज्य सरकार ने परियोजना प्रबंधकों से प्रस्ताव मंगाए है, जिससे प्रदेश में किसी बांध को लेकर कोई खतरा पैदा न होने पाए। बांधों के भीतर लगे यंत्र पुराने हो चुके हैं, जोकि कई खतरों से अलर्ट करते हैं। प्रदेश में एनटीपीसी, एनएचपीसी, जेपी, एसजेवीएनए, बिजली बोर्ड सहित अन्य निजी कंपनियों के 20 बांध बनाए जा चुके हैं।
जबकि 50 से अधिक बांधों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। 20 बांध जो बन चुके हैं। उनमें से कई पुराने भी हो चुके हैं। इनमें से कई में रिसाव का खतरा बना रहता है। ऐसे में अत्याधुनिक तकनीकी के जरिये इन्हें रिपेयर कराया जाता है। साथ ही बांध के भीतर लगे यंत्र भी बांधों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट करते है, लेकिन पुराने होने की स्थिति में अलर्ट करना संभव नहीं होता।
बांधों की सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम
केंद्र सरकार की ओर से देश भर के बांधों की सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे कभी भी किसी बांध को लेकर कोई खतरा पैदा न होने पाए। हर स्थिति में बांधों को सुरक्षित रखा जा सकें, जिससे आम आदमी भी सुरक्षित रहे। इसके लिए केंद्र ने ही विश्व बैंक से बांधों की रिपेयर के लिए फंड मुहैया कराया जा रहा है, लेकिन इसका प्रस्ताव प्रदेश सरकार के माध्यमों से आना है।
अधीक्षण अभियंता ऊर्जा निदेशालय संजीव आर्य ने कहा कि प्रदेश के सभी बांध परियोजना प्रबंधकों से रिपेयर और नए यंत्र लगाने के लिए प्रस्ताव मंगाए गए हैं। प्रस्ताव आने की स्थिति में इसे प्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र को भेजा जाएगा। आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में यह प्रयोग शुरू हो चुका है।