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Jammu News: सुपर सीडर से हो रही गेहूं की बिजाई, खेतों में लहलहा रही फसल
Mon, 10 Feb 2025 01:36 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Mon, 10 Feb 2025 01:36 AM IST
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अरनिया के खेतों में लहलहा रही सुपर सीडर से बोई गई फसल। संवाद
- फोटो : arnia
आरएस पुरा सब डिवीजन में इस साल 15000 हेक्टेयर में हुई गेहूं की बिजाई, किसानों को हो रहा फायदा, सीधी लाइन में उगती है फसल, अधिक मात्रा में नहीं होता है घास फूस
अरनिया। आरएस पुरा सब डिवीजन में इस साल 15000 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई सुपर सीडर से हुई है। पिछले साल के मुकाबले 15 गुना ज्यादा गेहूं की बिजाई सुपर सीडर से हुई है। क्षेत्र के किसानों ने सुपर सीडर से गेहूं की बिजाई करने में ज्यादा रुचि दिखाई है।
सुपर सीडर से बिजाई करने पर किसानों को गेहूं की फसल का भरपूर फायदा हो रहा है। गेहूं की फसल खेतों में सीधी लाइन में उगती है। पौधों के बीच की दूरी बराबर रहती है। गेहूं के पौधों की एक कतार से दूसरी कतार की दूरी सामान्य रूप से 20 से 22 सेंटीमीटर रहती है। गेहूं के बीज की गहराई 5 से 6 सेंटीमीटर रहती है। सुपर सीडर की आधुनिक तकनीक से बिजाई करने पर गेहूं की फसल में घास फूस अधिक मात्रा में नहीं होता है। सुपर सीडर से बिजाई की गई गेहूं की फसल की सिंचाई बराबर स्तर पर होती है। पानी एक जगह पर एकत्रित नहीं होता है। इससे गेहूं की फसल को गिरने का खतरा नहीं रहता है। सुपरसीडर से बिजाई फसल बीमारी रहित तैयार हो रही है।
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सुपर सीडर से गेहूं की बिजाई धान की कटाई के तुरंत बाद कर दी जाती है। जिससे धान की पराली जलाने का झंझट नहीं रहता है। धान की पराली गेहूं की फसल में देसी खाद का काम करती है। सुपर सीडर से गेहूं की बिजाई के साथ ही खाद बीज के साथ दी जाती है, जिससे पौधे को पर्याप्त रूप से खाद का फायदा मिलता है। फसल की पैदावार अच्छी होती है।
सुपर सीडर से प्रति कनाल किसान को 300 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरीके से 500 रुपये प्रति कनाल खर्चा देना पड़ता है। सुपर सीडर से फसल की बिजाई करने से श्रम, वित्तीय और समय की बचत सुनिश्चित है।
सुपर सीडर से बिजाई की गई गेहूं की फसल की पैदावार मैनुअल तरीके से अधिकतम आंकी गई है। मैन्युअल बिजाई से गेहूं की फसल की पैदावार प्रति एकड़ 16 से 17 क्विंटल हो रही है। वहीं, दूसरी ओर सुपर सीडर से बिजाई गई गेहूं की फसल की पैदावार 20 से 22 क्विंटल प्रति एकड़ हो रही है।
कोट
सुपर सीडर गेहूं की बिजाई करने का आधुनिक तरीका है। पिछले साल के मुकाबले इस साल किसानों ने सुपर सीडर पर ज्यादा भरोसा जताया है। सुपर सीडर से बिजाई करने से किसानों को हर स्तर पर फायदा मिला है।
सुरेंद्र गुप्ता, कृषि अधिकारी आरएस पुरा
सुपर सीडर से फसल बीजने पर घास फूस उगने में गिरावट आई है। फसल की पैदावार में बंपर बढ़ोतरी हुई है। कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कम हुआ है। सुपर सीडर किसान के जीवन में खुशहाली लेकर आया है।
किसान बलवीर कौर
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अरनिया। आरएस पुरा सब डिवीजन में इस साल 15000 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की बिजाई सुपर सीडर से हुई है। पिछले साल के मुकाबले 15 गुना ज्यादा गेहूं की बिजाई सुपर सीडर से हुई है। क्षेत्र के किसानों ने सुपर सीडर से गेहूं की बिजाई करने में ज्यादा रुचि दिखाई है।
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सुपर सीडर से बिजाई करने पर किसानों को गेहूं की फसल का भरपूर फायदा हो रहा है। गेहूं की फसल खेतों में सीधी लाइन में उगती है। पौधों के बीच की दूरी बराबर रहती है। गेहूं के पौधों की एक कतार से दूसरी कतार की दूरी सामान्य रूप से 20 से 22 सेंटीमीटर रहती है। गेहूं के बीज की गहराई 5 से 6 सेंटीमीटर रहती है। सुपर सीडर की आधुनिक तकनीक से बिजाई करने पर गेहूं की फसल में घास फूस अधिक मात्रा में नहीं होता है। सुपर सीडर से बिजाई की गई गेहूं की फसल की सिंचाई बराबर स्तर पर होती है। पानी एक जगह पर एकत्रित नहीं होता है। इससे गेहूं की फसल को गिरने का खतरा नहीं रहता है। सुपरसीडर से बिजाई फसल बीमारी रहित तैयार हो रही है।
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सुपर सीडर से गेहूं की बिजाई धान की कटाई के तुरंत बाद कर दी जाती है। जिससे धान की पराली जलाने का झंझट नहीं रहता है। धान की पराली गेहूं की फसल में देसी खाद का काम करती है। सुपर सीडर से गेहूं की बिजाई के साथ ही खाद बीज के साथ दी जाती है, जिससे पौधे को पर्याप्त रूप से खाद का फायदा मिलता है। फसल की पैदावार अच्छी होती है।
सुपर सीडर से प्रति कनाल किसान को 300 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं, दूसरी तरीके से 500 रुपये प्रति कनाल खर्चा देना पड़ता है। सुपर सीडर से फसल की बिजाई करने से श्रम, वित्तीय और समय की बचत सुनिश्चित है।
सुपर सीडर से बिजाई की गई गेहूं की फसल की पैदावार मैनुअल तरीके से अधिकतम आंकी गई है। मैन्युअल बिजाई से गेहूं की फसल की पैदावार प्रति एकड़ 16 से 17 क्विंटल हो रही है। वहीं, दूसरी ओर सुपर सीडर से बिजाई गई गेहूं की फसल की पैदावार 20 से 22 क्विंटल प्रति एकड़ हो रही है।
कोट
सुपर सीडर गेहूं की बिजाई करने का आधुनिक तरीका है। पिछले साल के मुकाबले इस साल किसानों ने सुपर सीडर पर ज्यादा भरोसा जताया है। सुपर सीडर से बिजाई करने से किसानों को हर स्तर पर फायदा मिला है।
सुरेंद्र गुप्ता, कृषि अधिकारी आरएस पुरा
सुपर सीडर से फसल बीजने पर घास फूस उगने में गिरावट आई है। फसल की पैदावार में बंपर बढ़ोतरी हुई है। कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कम हुआ है। सुपर सीडर किसान के जीवन में खुशहाली लेकर आया है।
किसान बलवीर कौर