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Jammu News: तापमान में उछाल, जंगल में भड़की आग, जेकेडीएमए ने जारी किया 7 दिन का अलर्ट

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weather effect on jammu kashmir
पुरमंडल/जम्मू। पिछले एक हफ्ते से मौसम के साफ रहने से पारे में उछाल के कारण मैदानों के साथ जंगलों में भी आग का सुलगना शुरू हो गया है। पुरमंडल के जंगलों में लगी आग को वीरवार को तीसरे दिन काबू पाया जा सका। आग से वन विभाग की 12 हेक्टेयर क्षेत्र में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। इस आग में जानवरों के भी चपेट में आने की आशंका है। इसके साथ लोगों ने क्षेत्राधिकार में 10 हेक्टेयर के करीब जंगल क्षेत्र भी चपेट में आया है। जम्मू कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेडीएमए) ने हिमालय क्षेत्र में अगले सात दिन तक अत्यधिक जंगल की आग के खतरे की चेतावनी जारी की है।
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प्राधिकरण की ओर से आग की घटना की सूचना को 112 टोलफ्री नंबर पर संपर्क करने को कहा है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने जम्मू और कश्मीर संभाग के मैदानी इलाकों में अगले छह दिन तक हीटवेव (तेज गर्मी) की चेतावनी जारी की है, जिसका प्रभाव जंगलों पर पड़ सकता है।
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मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कुल मिलाकर 31 मई तक मौसम में कोई महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद नहीं है। पहाड़ी जिलों में भी आगामी दिनों में गर्म और शुष्क मौसम होने की सूरत में जंगलों में आग की घटनाएं हो सकती हैं। वहीं, पुरमंडल के जंगल में लगी आग में बीट 46 और 47 क्षेत्र में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। वन विभाग, सॉयल कंजर्वेशन विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पाया जा सका है, हालांकि अभी पूरी तरह से आग नहीं बुझ पाई है। पूर्व सरपंच जोगेंद्र शर्मा, गोपाल शर्मा, रमण कुमार, राजेंद्र कुमार ने बताया कि इस बार पुरमंडल क्षेत्र के जंगलों में आग से वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने रोष जताया कि जंगल में लगी आग से वन संपदा को बचाने के प्रयास पर्याप्त नहीं किए जा रहे हैं। गर्मी के सीजन को देखते हुए पहले ही बचाव के प्रबंधों को सुनिश्चित बनाया जाना चाहिए था। इसके लिए स्थानीय लोगों और तकनीकी सदस्यों की संयुक्त रूप से एक टीम गठित होनी चाहिए। वन विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी होने चाहिए। इनकी संख्या कम होने से समय पर आग लगने का पता नहीं चल पाता है। जब तक जानकारी मिलती है, तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी होती है। पुरमंडल ब्लॉक अधिकारी अरुण भट्टी के अनुसार आग से वन संपदा को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
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