फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   weather

चिनाब का जलस्तर खतरे के निशान से तीन गेज कम

विज्ञापन
weather
अखनूर के जियो पेता घाट पर भरा चिनाब दरिया का पानी।
अखनूर। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश से चिनाब दरिया का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुुंच गया है। प्रशासन ने चिनाब के बढ़ते जलस्तर को लेकर हिदायतें जारी की हैं।
विज्ञापन

शनिवार सुबह आठ बजे चिनाब दरिया का जलस्तर 25 गेज था। इसके बाद 10 बजे जलस्तर 26.5 हो गया, जबकि 12 बजे जलस्तर 29 गेज पहुंच गया। दोपहर दो बजे 29 गेज पहुंच गया, जो खतरे के निशान से तीन गेज कम था। इसके उपरांत दोपहर तीन बजे 28 गेज पानी का स्तर पर आ रहा, जो लगातार कम हो रहा था।
विज्ञापन

अखनूर के चिनाब दरिया के जियो पोता, चंदिया और हरि मंदिर घाट पर पानी आ गया। वहीं प्रशासन ने हिदायतें जारी करके लोगों को चिनाब दरिया के पास नहीं जाने की हिदायतें दीं। लोगों को दरिया किनारे जाने पर पाबंदी लगा दी। दोपहर बाद पानी का जलस्तर कम होने लगा। वहीं दरिया का पानी कम होने पर दरिया के आसपास रहने वाले लोग खासतौर पर गुज्जर समुदाय के लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
विज्ञापन

फोटो
बारिश का पानी लोगाें के घरों में घुसा
विजयपुर। मूसलाधार बारिश से लोगों ने गर्मी से राहत ली है। ज्यादा बारिश पड़ने के कारण पानी लोगों के घरों में घुस गया, जिस कारण लोगों को कई प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय निवासी रमेश कुमार, धर्मपाल, सुभाष सिंह आदि ने बताया कि सरकार द्वारा जो नाले, खड्डे, चोयिया आदि बनाई गईं, वहां से बारिश का पानी गुजर जाता था, लेकिन भूमाफिया ने खड्डे नाले चोईयों पर कब्जा कर रखा है, जिसके चलते यह नाले खड्डे सिकुड़ चुके हैं। बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है। लोगों ने सांबा जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकारी खड्डे नालों और चोईयों पर जो कब्जा है उनको खाली कराया जाए। संवाद
बारिश से खेतों में जल भराव
खाली होने का किसान कर रहे इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। बीत तीन दिनों से हो रही बारिश शनिवार को भी जारी रही। दोपहर बाद करीब दो बजे के बाद मौसम साफ होने से धूप में निखार आना शुरू हो गया।
किसानों के अनुसार खेतों में जलभराव होने से धान की फसल को काफी लाभ पहुंचा है, मगर इसके साथ-साथ घास भी काफी उग चुकी है। जो फसल के उत्पादन को प्रभावित करती रहेगी।
देस राज, विजय कुमार, उत्तम चंद, गरीब दास व नत्थू राम आदि किसानों के अनुसार चार-पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश से धान फसल में काफी निखार आने लगा है, मगर इसी के साथ ही खेतों में घास में भी काफी बढ़ोतरी हो रही है, जिसे कीट नाशक दवाओं का छिड़काव करना जरूरी है, नहीं तो फसल उत्पादन में कमी रहेगी।

कहा, जब तक खेतों में जलभराव रहेगा तब कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं कर सकते, अगर कर भी दिया तो भी कोई लाभ नहीं होगा। क्योंकि जब तक खेतों में पानी रहेगा कीटनाशक दवाओं के छिड़काव का असर नहीं होता। इसके लिए खेतों में मामूली सी नमी व छिड़काव के बाद कम से कम दो दिन तक लगातार खिली धूप का रहना जरूरी होता है। तभी इसका सही लाभ मिल सकता है। इसीलिए अब खेतों से पानी निकलने का इंतजार किया जा रहा। उसके बाद ही कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed