बड़ी खबर: दो दिन तक जम्मू में नहीं आएगा पानी
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अगले दो दिन तक जम्मू के लोगों को पेयजल सप्लाई की समस्या से दो चार होना पड़ सकता है। पीएचई मुलाजिम 48 घंटे की हड़ताल पर चले गए हैं।
पीएचई वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से विभाग में कार्यरत करीब 16, 703 अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की जा रही है।
सरकार द्वारा एसोसिएशन की मांग की अनदेखी किए जाने के चलते एसोसिएशन ने रविवार रात आठ बजे से 48 घंटे की काम छोड़ो हड़ताल का ऐलान कर दिया है। हड़ताल में अनिवार्य सेवाएं देने वाला स्टाफ भी शामिल रहेगा।
महीनों से नहीं मिल रहा था वेतन
पीएचई विभाग जम्मू के चीफ इंजीनियर सुशील आइमा का कहना है कि पीएचई मुलाजिमों की काम छोड़ हड़ताल से होने वाले प्रभाव के बारे में प्रशासन को अवगत करवा दिया गया है। अब हड़ताल से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे, यह प्रशासन को तय करना है।
एसोसिएशन के महासचिव सुभाष वर्मा का कहना है कि अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए नीति निर्धारित करने की मांग के अलावा लंबित वेतन जारी करने की मांग को लेकर रविवार को पीएचई मंत्री शाम लाल शर्मा से करीब पौने घंटे तक बैठक हुई।
उन्होंने बताया कि गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियर्स में हुई बैठक में कोई भी मांग नहीं मानी गई।
रात से ही गए 48 घंटे की हड़ताल पर
पीएचई कर्मचारियों की मांगे ना माने जाने के चलते पीएचई वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से रविवार रात आठ बजे से 48 घंटे की काम छोड़ो हड़ताल पर जाने का फैसला लिया गया।
एसोसिएशन के महासचिव का कहना था कि सरकार के अड़ियल रवैये के चलते एसोसिएशन के पास आंदोलन के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा था। इसके चलते ही उनके द्वारा हड़ताल का फैसला किया गया।
बैठक में एसोसिएशन के अन्य पदाधिकारी रतन दोषी, मंजूर अली, सुरेंद्र कुमार, चुनी लाल, बाबा सिंह, अशोक कुमार, राम प्रकाश, रवि कुमार, रवींद्र कुमार, तिलक राम आदि मौजूद रहे।