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शीतकालीन राजधानी की बढ़ती जा रही प्यास
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 09 Feb 2015 12:14 AM IST
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रियासत की शीतकालीन राजधानी में पेयजल आपूर्ति की मांग लगातार बढ़ रही है। आलम तो यह हैं कि 46 मिलियन गैलन डेली तक पहुंच चुकी पेयजल की मांग को पूरा करने के लिए 42 मिलियन गैलन डेली तक ही पानी की उपलब्धता हो पा रही है।
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आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जम्मू शहर की आबादी 15.65 लाख के पार तक पहुंच चुकी है। बढ़ती जनसंख्या पर पानी की जरूरत और मांग भी लगातार बढ़ रही है, मगर तवी नदी में तीन फिल्ट्रेशन प्लांटों के अलावा ओवर हैड टैंकों के माध्यम समेत अन्य स्रोतों से भी पानी की उपलब्धता 42 मिलियन गैलन डेली के करीब ही है, जबकि मांग बढ़कर 46 मिलियन गैलन डेली तक हो चुकी है।
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श्री माता वैष्णो देवी के पवित्र गुफा के दर्शन के आने वाले श्रद्धालु और श्री अमरनाथ यात्रा समेत पर्यटकों के लिए भी पानी की उपलब्धता की जरूरत रहती है। पानी की किल्लत की वजह से गर्मियों में लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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पीएचई विभाग जम्मू के चीफ इंजीनियर सुशील आइमा का कहना है कि लंबी अवधि की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए चिनाब पेयजल परियोजना का प्रस्ताव फंडिंग के लिए अब केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया है।
मंत्रालय जापान इंटरनेशनल काउंसिल से परियोजना के लिए लोन उपलब्ध करवाने में अपनी भूमिका अदा करे। उनका कहना हैं कि अगर चिनाब परियोजना पर निर्माण कार्र्य शुरू होने के लिए फंड की उपलब्धता हो जाती हैं तो जम्मू शहर में 2046 तक के लिए पेयजल की मांग को पूरा कर लिया जाएगा।