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Jammu News: भगवान राम और हनुमान के मिलने का मंचन देख जय श्रीराम के गूंजे उद्घोष
Wed, 01 Oct 2025 02:27 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 01 Oct 2025 02:27 AM IST
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राजोरी। राजोरी में राम लीला कमेटी की रामलीला में मंगलवार रात एक भावुक दृश्य का मंचन किया गया। शाखा मैदान में प्रभु श्रीराम और भक्त हनुमान के मिलन का प्रसंग देख दर्शक भावविभोर हो गए। इस दौरान पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोषों से गूंज उठा।
मंचन में हनुमान जी ने ब्राह्मण का वेश धारण कर पहली बार प्रभु श्रीराम से भेंट की। जब ब्राह्मण रूप में हनुमान प्रभु के चरणों में गिरे तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो गया। हनुमान ने विनम्रतापूर्वक कहा नाथ को सेवक तो भूल सकता है पर स्वामी कभी सेवक को न भूले। इस पर श्रीराम ने उत्तर दिया हे कपि तुम मुझे लक्ष्मण से भी प्रिय हो। यह संवाद सुनकर कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
राम लीला कमेटी के अध्यक्ष विशाल दत्त ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल रामलीला का मंचन करना नहीं बल्कि सनातन संस्कृति के मूल्यों और मर्यादाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। विशाल ने कलाकारों के प्रदर्शन की भी सराहना की।
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रामलीला देखने आए एक दर्शक अतुल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस दृश्य को देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि कलाकारों ने संवाद और भावों को इतनी जीवंतता से प्रस्तुत किया कि ऐसा लगा मानो वे त्रेता युग में हैं। दर्शकों में रामलीला के आगामी दृश्यों को लेकर भी उत्साह बना हुआ है।
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मंचन में हनुमान जी ने ब्राह्मण का वेश धारण कर पहली बार प्रभु श्रीराम से भेंट की। जब ब्राह्मण रूप में हनुमान प्रभु के चरणों में गिरे तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान हो गया। हनुमान ने विनम्रतापूर्वक कहा नाथ को सेवक तो भूल सकता है पर स्वामी कभी सेवक को न भूले। इस पर श्रीराम ने उत्तर दिया हे कपि तुम मुझे लक्ष्मण से भी प्रिय हो। यह संवाद सुनकर कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
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राम लीला कमेटी के अध्यक्ष विशाल दत्त ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल रामलीला का मंचन करना नहीं बल्कि सनातन संस्कृति के मूल्यों और मर्यादाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। विशाल ने कलाकारों के प्रदर्शन की भी सराहना की।
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रामलीला देखने आए एक दर्शक अतुल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस दृश्य को देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि कलाकारों ने संवाद और भावों को इतनी जीवंतता से प्रस्तुत किया कि ऐसा लगा मानो वे त्रेता युग में हैं। दर्शकों में रामलीला के आगामी दृश्यों को लेकर भी उत्साह बना हुआ है।