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Jammu News: लक्ष्मीपुरम चिनौर में पांच साल से एक दिन बाद आता पानी, आधी सड़कें बनीं, नालियां टूटी
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में नगर निगम 1995 में अस्तित्व में आया, तब 32 वार्ड थे जो अब 75 हो गए। इसके बावजूद कई ऐसे इलाके हैं जहां सड़क, पानी और सीवरेज की सुविधा नहीं पहुंची। यानी लोगों के संघर्ष का ही विकास हो पाया। मजबूरियां हर बार दावों में उलझी रहीं। समय की सरकारें बस वोट बैंक तक सीमित रहीं।संबंधित अधिकारी आश्वासनों के भरोसे समय व्यतीत करते रहे। मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में शामिल लक्ष्मीपुरम चिनौर भी है, जहां पांच साल बाद भी आधा-अधूरा विकास हो पाया। यहां कई गलियां बनी हैं तो कई टूटी हैं। पत्थरों पर उलझता सफर दिक्कतों की दास्तां बयां कर रहा है।
समस्याएं गंदगी के आगे बेबस हो चुकी हैं। नालियों का निर्माण बजट में अटका है। हालांकि 2010 में रास्ते बनाए गए थे। इसके बाद 2018 से अब तक एक भी काम नहीं हो पाया। छह गलियां ऐसी हैं जहां नगर निगम की टाइलें नहीं पहुंची। कहीं तारकोल डाला है तो किसी जगह सीमेंट से सड़क बनी है, बीच में रास्ता खस्ता है। इस कारण लोगों को परेशानी आ रही है। लोगों के अनुसार कई बार समस्याओं से अवगत करवाया गया। अधिकारियों ने दौरा किया, मगर बजट ही नहीं मिला। बारिश में हालात बदतर हो रहे हैं। जलभराव के कारण हादसे की संभावना बनी रहती है। पेयजल के लिए भटकता पड़ रहा है, क्योंकि जलशक्ति विभाग एक दिन बाद पानी की सप्लाई कर रहा है। यही नहीं, मेयर को लिखित रूप से बताया जा चुका है। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हो रही।
निजी टैंकर पर रहना पड़ रहा आश्रित
स्थानीय निवासी पवन शर्मा ने बताया कि पानी को लेकर दिक्कत ज्यादा है। एक दिन छोड़कर पानी आने से दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कई बाद अधिकारियों को समस्या बताई, पर किसी ने दूर करने की जहमत नहीं उठाई। हालात ऐसे हो गए हैं कि निजी टैंकर मंगवा कर गुजारा करना पड़ रहा है। नीलम शर्मा के अनुसार नालियां टूटने के कारण पानी रास्तों में बहता रहता है। जगह-जगह मलबा जमा है। सफाई नियमित नहीं हो रही। बारिश में स्थिति और भी नाजुक है। भूषण खजुरिया ने बताया- रास्तों में तारकोल या फिर सीमेंट बिछाया गया है। पांच साल से टाइलें नहीं बिछ पाई। दावे किए गए, धरातल पर कुछ नहीं हुआ।
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एस्टीमेट बनाए जाएंगे और विकास करवाया जाएगा। पहले क्यों कोई काम नहीं हुआ, इस बारे में अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
- राजेश सवरिया, संयुक्त आयुक्त वर्क
काम क्यों नहीं हुआ, जानकारी ली जाएगी। पूरे शहर में विकास कार्य चल रहे हैं। यहां पर भी सुविधाएं दी जाएंगी
राजेंद्र शर्मा, मेयर
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जम्मू। शहर में नगर निगम 1995 में अस्तित्व में आया, तब 32 वार्ड थे जो अब 75 हो गए। इसके बावजूद कई ऐसे इलाके हैं जहां सड़क, पानी और सीवरेज की सुविधा नहीं पहुंची। यानी लोगों के संघर्ष का ही विकास हो पाया। मजबूरियां हर बार दावों में उलझी रहीं। समय की सरकारें बस वोट बैंक तक सीमित रहीं।संबंधित अधिकारी आश्वासनों के भरोसे समय व्यतीत करते रहे। मूलभूत सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में शामिल लक्ष्मीपुरम चिनौर भी है, जहां पांच साल बाद भी आधा-अधूरा विकास हो पाया। यहां कई गलियां बनी हैं तो कई टूटी हैं। पत्थरों पर उलझता सफर दिक्कतों की दास्तां बयां कर रहा है।
समस्याएं गंदगी के आगे बेबस हो चुकी हैं। नालियों का निर्माण बजट में अटका है। हालांकि 2010 में रास्ते बनाए गए थे। इसके बाद 2018 से अब तक एक भी काम नहीं हो पाया। छह गलियां ऐसी हैं जहां नगर निगम की टाइलें नहीं पहुंची। कहीं तारकोल डाला है तो किसी जगह सीमेंट से सड़क बनी है, बीच में रास्ता खस्ता है। इस कारण लोगों को परेशानी आ रही है। लोगों के अनुसार कई बार समस्याओं से अवगत करवाया गया। अधिकारियों ने दौरा किया, मगर बजट ही नहीं मिला। बारिश में हालात बदतर हो रहे हैं। जलभराव के कारण हादसे की संभावना बनी रहती है। पेयजल के लिए भटकता पड़ रहा है, क्योंकि जलशक्ति विभाग एक दिन बाद पानी की सप्लाई कर रहा है। यही नहीं, मेयर को लिखित रूप से बताया जा चुका है। इसके बावजूद सुनवाई नहीं हो रही।
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निजी टैंकर पर रहना पड़ रहा आश्रित
स्थानीय निवासी पवन शर्मा ने बताया कि पानी को लेकर दिक्कत ज्यादा है। एक दिन छोड़कर पानी आने से दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कई बाद अधिकारियों को समस्या बताई, पर किसी ने दूर करने की जहमत नहीं उठाई। हालात ऐसे हो गए हैं कि निजी टैंकर मंगवा कर गुजारा करना पड़ रहा है। नीलम शर्मा के अनुसार नालियां टूटने के कारण पानी रास्तों में बहता रहता है। जगह-जगह मलबा जमा है। सफाई नियमित नहीं हो रही। बारिश में स्थिति और भी नाजुक है। भूषण खजुरिया ने बताया- रास्तों में तारकोल या फिर सीमेंट बिछाया गया है। पांच साल से टाइलें नहीं बिछ पाई। दावे किए गए, धरातल पर कुछ नहीं हुआ।
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एस्टीमेट बनाए जाएंगे और विकास करवाया जाएगा। पहले क्यों कोई काम नहीं हुआ, इस बारे में अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा।
- राजेश सवरिया, संयुक्त आयुक्त वर्क
काम क्यों नहीं हुआ, जानकारी ली जाएगी। पूरे शहर में विकास कार्य चल रहे हैं। यहां पर भी सुविधाएं दी जाएंगी
राजेंद्र शर्मा, मेयर