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कोहरे की चादर से बढ़ी सीमावर्ती लोगों की परेशानी
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परगवाल/अरनिया। वीरवार की सुबह कड़ाके की ठंड के साथ शुरू हुई। घने कोहरे की वजह से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। इस दौरान आवागमन में खासी दिक्कतें आईं। इस दौरान लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आए।
परगवाल निवासी विश्वामित्र ने कहा कि इस सीजन में क्षेत्र में दो दिन ही कोहरा पड़ा था। इसके बाद मौसम साफ हो गया था। लग रहा था कि इस बार कोहरा से जल्द निजात मिल जाएगी। लेकिन लोहड़ी पर्व पर एक बार फिर कोहरे की चादर ने परेशानियां बढ़ा दीं।
उधर, अरनिया क्षेत्र में भी किसानों पर अब कोहरे की चादर की मार पड़ने लगी है। इससे किसान चिंतित हैं। किसानों के अनुसार बारिश की नमी अब भी खेतों में है। इससे गेहूं की फसल सहित पशु चारे पर भी संकट बनने लगा है।
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कृष्ण लाल, देव राज, हरबंस लाल, मोहन सिंह, गार सिंह व केवल कुमार ने कहा कि बारिश के बाद धूप खिलने से लगा था कि अब राहत मिलेगी। लेकिन अब कोहरा छाने से गेहूं की फसल सहित पशु चारे पर असर पड़ सकता है।
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परगवाल निवासी विश्वामित्र ने कहा कि इस सीजन में क्षेत्र में दो दिन ही कोहरा पड़ा था। इसके बाद मौसम साफ हो गया था। लग रहा था कि इस बार कोहरा से जल्द निजात मिल जाएगी। लेकिन लोहड़ी पर्व पर एक बार फिर कोहरे की चादर ने परेशानियां बढ़ा दीं।
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उधर, अरनिया क्षेत्र में भी किसानों पर अब कोहरे की चादर की मार पड़ने लगी है। इससे किसान चिंतित हैं। किसानों के अनुसार बारिश की नमी अब भी खेतों में है। इससे गेहूं की फसल सहित पशु चारे पर भी संकट बनने लगा है।
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कृष्ण लाल, देव राज, हरबंस लाल, मोहन सिंह, गार सिंह व केवल कुमार ने कहा कि बारिश के बाद धूप खिलने से लगा था कि अब राहत मिलेगी। लेकिन अब कोहरा छाने से गेहूं की फसल सहित पशु चारे पर असर पड़ सकता है।