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कश्मीर घाटी में फिर हिंसा, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पोस्ट को आग के हवाले किया
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sat, 16 Apr 2016 08:47 PM IST
सार
- सीएम, डिप्टी सीएम ने कुपवाड़ा पहुंचकर हालात का जायजा लिया
- अलगाववादियों के बंद से सामान्य जनजीवन प्रभावित
- इंटरनेट और रेल सेवाएं तीसरे दिन भी ठप
- कई स्थानों पर सुरक्षा बलों पर पथराव
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श्रीनगर में तैनात सुरक्षा बल के जवान
- फोटो : PTI
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विस्तार
घाटी में लगातार पांचवें दिन भी तनाव रहा। शनिवार को भी घाटी में बंद रहा। व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल-कालेज तथा सार्वजनिक वाहन बंद रहे। कश्मीर विश्वविद्यालय और बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित रहीं। इंटरनेट सेवा ठप रही। बनिहाल-बारामुला रेल सेवा भी स्थगित रही।
अलगाववादियों के बंद के आह्वान पर कई स्थानों पर सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया। इसमें दो लोगों के घायल होने की खबर है। इस बीच सीएम महबूबा मुफ्ती और डिप्टी सीएम डा. निर्मल कुमार सिंह ने कुपवाड़ा पहुंचकर हालात की जानकारी ली।
फायरिंग में मारे गए लोगों के परिवार वालों तथा सिविल सोसाइटी के सदस्यों से मिलकर तनाव को कम करने की कोशिश की। उन्होंने अधिकारियों को हालात पर बारीक नजर रखने की हिदायत दी।
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उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के हंदवाड़ा में 12 अप्रैल को सुरक्षाबलों की फायरिंग में मारे गए 2 युवकों के बाद भड़का बवाल थमता नहीं दिख रहा है।
लगातार पांचवें दिन कश्मीर घाटी में सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। शनिवार को कुपवाड़ा जिले में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी रही वहीं श्रीनगर के 7 थाना क्षेत्रों में भी कर्फ्यू जैसी पाबंदियां रही। इन सबके बावजूद घाटी के कई हिस्सों में सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत देखने को मिली।
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अलगाववादियों के बंद के आह्वान पर कई स्थानों पर सुरक्षा बलों पर पथराव किया गया। इसमें दो लोगों के घायल होने की खबर है। इस बीच सीएम महबूबा मुफ्ती और डिप्टी सीएम डा. निर्मल कुमार सिंह ने कुपवाड़ा पहुंचकर हालात की जानकारी ली।
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फायरिंग में मारे गए लोगों के परिवार वालों तथा सिविल सोसाइटी के सदस्यों से मिलकर तनाव को कम करने की कोशिश की। उन्होंने अधिकारियों को हालात पर बारीक नजर रखने की हिदायत दी।
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उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के हंदवाड़ा में 12 अप्रैल को सुरक्षाबलों की फायरिंग में मारे गए 2 युवकों के बाद भड़का बवाल थमता नहीं दिख रहा है।
लगातार पांचवें दिन कश्मीर घाटी में सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। शनिवार को कुपवाड़ा जिले में कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी रही वहीं श्रीनगर के 7 थाना क्षेत्रों में भी कर्फ्यू जैसी पाबंदियां रही। इन सबके बावजूद घाटी के कई हिस्सों में सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच भिड़ंत देखने को मिली।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर चलाई रबड़ की गोलियां
श्रीनगर में बंद रही दुकानें
- फोटो : PTI
कुपवाड़ा के त्रेहगाम इलाके में सुरक्षा बलों पर पथराव कर रही भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस की ओर से रबड़ की गोलियां चलाईं गईं। इसमें यावर रशीद तथा गौहर मजीद घायल हो गए। दोनों को श्रीनगर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ड्रगमुला जा रहे लंगेट विधायक इंजीनियर अब्दुल राशिद को सुरक्षाबलों ने जाने से रोक दिया। इसके बाद स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया। गांदरबल जिले के बारसू में भी पथराव की सूचना है। बांदीपोरा के नायदखाय इलाके में एक पुलिस पोस्ट को आग के हवाले कर दिया गया। श्रीनगर के नाटीपोरा इलाके में भी सुरक्षाबलों पर पथराव किया गया।
उधर, हंदवाड़ा में हुई स्थानीय लोगों की हत्याओं को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उस्मान मजीद की अगुवाई में श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया गया। हाथों में स्टॉप सिविलियन किलिंग्स नारे लिखी तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने मौजूदा सरकार को निशान बनाया। वे मामले की न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे।
ड्रगमुला जा रहे लंगेट विधायक इंजीनियर अब्दुल राशिद को सुरक्षाबलों ने जाने से रोक दिया। इसके बाद स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया। गांदरबल जिले के बारसू में भी पथराव की सूचना है। बांदीपोरा के नायदखाय इलाके में एक पुलिस पोस्ट को आग के हवाले कर दिया गया। श्रीनगर के नाटीपोरा इलाके में भी सुरक्षाबलों पर पथराव किया गया।
उधर, हंदवाड़ा में हुई स्थानीय लोगों की हत्याओं को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उस्मान मजीद की अगुवाई में श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया गया। हाथों में स्टॉप सिविलियन किलिंग्स नारे लिखी तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने मौजूदा सरकार को निशान बनाया। वे मामले की न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे।