{"_id":"62c16be45b0e4e7ae63f97e3","slug":"villagers-caught-two-terrorists-in-reasi-about-7-years-ago-in-udhampur-also-two-villagers-caught-pakistani-terrorists-naved","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों ने दबोचे दो आतंकी: सात साल पहले उधमपुर में भी दो लोगों ने पकड़ा था पाकिस्तानी आतंकी, पढ़ें वो किस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों ने दबोचे दो आतंकी: सात साल पहले उधमपुर में भी दो लोगों ने पकड़ा था पाकिस्तानी आतंकी, पढ़ें वो किस्सा
Sun, 03 Jul 2022 04:02 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 03 Jul 2022 04:02 PM IST
सार
करीब सात साल पहले 2015 में उधमपुर के नरसू इलाके में भी दो ग्रामीणों ने दिलेरी दिखाते हुए पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद को जिंदा पकड़ा था।
विज्ञापन
Terrorists Arrested
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रियासी में रविवार को ग्रामीणों ने दिलेरी दिखाते हुए दो आतंकियों को पकड़ा। इनमें से एक आतंकी राजोरी में हुए बम धमाकों का मुख्यारोपी है। इसके लिए ग्रामीणों को सभी तरफ से शाबाशी मिल रही है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उनकी बहादुरी के लिए पांच लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। वहीं, पुलिस महानिदेशक ने दो लाख रुपये इनाम का एलान किया है।
विज्ञापन
करीब सात साल पहले 2015 में उधमपुर के नरसू इलाके में भी दो ग्रामीणों ने दिलेरी दिखाते हुए पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद को जिंदा पकड़ा था। इसके लिए 2016 में दोनों को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली में आयोजित समारोह में शौर्य चक्र से सम्मानित किया था।
विज्ञापन
कैसे काबू किया था नावेद को?
पांच अगस्त 2015 को बीएसएफ के काफिले की बस पर उधमपुर के नरसू नाले के पास आतंकियों ने हमला कर दिया था। मौके पर एक आतंकी मार गिराया गया था, जबकि बीएसएफ का कांस्टेबल राकी शहीद हो गया था। इस हमले में शामिल पाकिस्तानी आतंकी नावेद मौके से भाग निकला। उसने पांच लोगों को बंधक बनाया और जंगलों में निकल गया।
विज्ञापन
एके-47 के ट्रिगर में फंसा दी उंगली
इस दौरान रिश्ते में जीजा-साले राकेश तथा बिक्रमजीत ने साहस का परिचय दिया और दोनों आतंकी नावेद से भिड़ गए। उनमें से एक ने आतंकी के पास मौजूद एके-47 के ट्रिगर में उंगली फंसा दी ताकि वह फायर न कर सके। दूसरे ने पैर से उसे काबू में रखा और उसकी गर्दन पकड़ ली।
इस दौरान आतंकी नावेद ने उनके कब्जे से मुक्त होने के लिए उन्हें काट भी खाया। फिर भी दोनों ने हार नहीं मानी और आतंकी को काबू में रखा। बाद में सुरक्षाबलों के पहुंचने पर उन्होंने आतंकी को उनके हवाले किया।
उपराज्यपाल बोले- ऐसा संकल्प दिखाता है कि आतंकवाद का अंत दूर नहीं
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रियासी में ग्रामीणों की बहादुरी को सलाम करते हुए ट्विटर पर लिखा, 'दो मोस्ट वांटेड आतंकियों को पकड़ने वाले रियासी के गांव तकसन के ग्रामीणों की बहादुरी को मैं सलाम करता हूं। आम आदमी का ऐसा संकल्प दिखाता है कि आतंकवाद का अंत दूर नहीं है। केंद्र शासित प्रदेश सरकार आतंकवादियों और आतंकवाद के खिलाफ वीरतापूर्ण कार्य के लिए ग्रामीणों को 5 लाख रुपये के इनाम की घोषणा करती है।'