बिलावर। उपजिले में शुक्रवार को वत्स द्वादशी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर ज्यादातर गांवों में महिलाओं ने नदी-नालों, तालाबों और बावलियों के पास विधिवत पूजा अर्चना की। उन्होंने गाय और बछड़े की पूजा की और अपने पुत्रों की लंबी आयु की कामना की। पंडित राधा कृष्ण शास्त्री के अनुसार हर वर्ष जन्माष्टमी के चार दिन बाद भाद्रपद महीने में कृष्ण पक्ष की द्वादशी को वत्स द्वादशी पर्व मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार गाय में 33 कोटि देवता वास करते हैं, जिससे गाय की पूजा करने से समस्त देवी देवताओं की पूजा का फल मिलता है और पुत्र दीर्घायु होते हैं। बिलावर कस्बे के अलावा किशनपुर, सुकराला फिंतर, भड्डू, पल्लन, परनाला, मांडली कोहग, किशनपुर डूंगाडा सहित अन्य कई गांवों में इस मौके पर गाय और बछड़े की कथा का वाचन किया गया। संवाद