'यूपीए सरकार को ही देना चाहिए था भारत रत्न'
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पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को यूपीए शासनकाल में भारत रत्न नहीं दिए जाने पर उन्हें अफसोस है। पत्रकारों से बातचीत में उमर ने कहा कि मेरे पिता फारूक अब्दुल्ला उस समय केंद्र में मंत्री थे और उन्होंने वाजपेयी को भारत रत्न देने की मांग की थी।
फारूक ने दलीय राजनीति से ऊपर उठकर वाजपेयी को सम्मानित करने की बात कही थी। वाजपेयी को तब ही यह सम्मान मिल जाना चाहिए था। उमर ने भारत रत्न मिलने पर वाजपेयी को बधाई दी।
उमर ने कहा कि कभी नहीं से अच्छा देर से मिलना होता है। एनडीए सरकार ने वाजपेयी को भारत रत्न देकर अच्छा कदम उठाया है। जो यूपीए ने नहीं किया वह एनडीए ने किया है। उमर ने कहा कि वह वाजपेयी के मंत्रिमंडल में रह चुके हैं। वाजपेयी एक महान राजनेता है।
वाजपेयी के बेहतरीन कैरियर को मान्यता
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देश का सबसे बड़ा दूरदर्शी नेता कहा। वाजपेयी को भारत रत्न देने पर मुफ्ती ने कहा कि यह उनके बेहतरीन राजनीतिक कैरियर को मान्यता है।
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में एक समारोह में देश का उच्च सम्मान दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के बाद वाजपेयी भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री हैं और वह देश को आम सहमति और सुलह से आगे ले जाने में विश्वास रखते रहे।
वाजपेयी के प्रधानमंत्री कार्यकाल की सराहना करते हुए मुफ्ती ने कहा कि रियासत में अमन के लिए उन्होंने काफी प्रयास किए।
जम्मू कश्मीर में रचनात्मक और सार्थक वार्ता में सभी हितकारों को शामिल किए जाने के उनके प्रयासों को आज भी रियासत के लोग उनकी प्रशंसा करते हैं।