{"_id":"e9e5e83620a91aa8332a9231150e65f1","slug":"use-urdu-sign-boards-in-offices-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी दफ्तरों में लगाए जाएं उर्दू के साइन बोर्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी दफ्तरों में लगाए जाएं उर्दू के साइन बोर्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, राजोरी
Updated Sun, 31 Aug 2014 08:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी कार्यालयों में उर्दू भाषा में साइन बोर्ड लगाए जाने की मांग फिर से उठाई गई है। तहरीके बका-ए-उर्दू नामक गैर सरकारी संस्था ने जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में अंग्रेजी भाषा में साइन बोर्ड लगाए जाने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उर्दू राज्य की अधिकारिक भाषा है और कई कार्यालय अधिकारिक भाषा का प्रयोग नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
संस्था के महासचिव जाकिर मलिक भलेसी ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि उन्होंने जिले की थन्नामंडी तहसील का दौरा किया। दौरे के दौरान वहां के सभी सरकारी कार्यालयों में लगाए साइन बोर्डां को देखा। सभी साइन बोर्डों में इंगलिश भाषा का प्रयोग किया गया है।
विज्ञापन
उर्दू भाषा का प्रयोग नहीं होने पर एतराज जताते हुए मलिक ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा एक परिपत्र जारी कर सभी अधिकारियों को सरकारी कार्यालयों में उर्दू भाषा में साइन बोर्ड लगाने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन राजोरी की थन्नामंडी व अन्य कई क्षेत्रों के सरकारी कार्यालयों में उर्दू भाषा के साइन बोर्ड नहीं लगाए गए हैं।
विज्ञापन
इस प्रकार कई अधिकारी सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश का उल्लंघन कर रहे हैं। वहीं उन्होंने कहा कि इस बात की लिखित शिकायत विभाग को भी भेज दी गई है। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही जिले के सभी कार्यालयों में उर्दू भाषा में साइन बोर्ड नहीं लगाए गए तो संस्था प्रदर्शन का सहारा लेगी।