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J&K विधानसभा में हंगामा, राष्ट्रगान के दौरान नारेबाजी
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Mon, 02 Jan 2017 07:05 PM IST
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राज्यपाल केअभिभाषण के दौरान हंगामा
- फोटो : AMAR UJALA
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राज्य विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार को हंगामेदार शुरूआत हुई। कश्मीर हिंसा पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। नेकां-कांग्रेस सदस्यों ने राज्य तथा केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। राष्ट्रगान के दौरान भी विपक्षी सदस्यों का हल्ला गुल्ला नहीं थमा। विपक्षी सदस्यों के शोर शराबे को देखते हुए राज्यपाल ने अपना अभिभाषण 10 मिनट में ही समाप्त कर दिया।
अभिभाषण शुरू होने से पहले ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा तथा नारेबाजी शुरू कर दी थी। नारे लिखी तख्तियां लेकर वे लहरा रहे थे। विपक्ष लगातार वेल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मार्शलों की कड़ी घेरेबंदी से वे आगे नहीं बढ़ सके। राज्यपाल के सेंट्रल हॉल में पहुंचते जैसे ही राष्ट्रगान शुरू हुआ तब भी विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी बंद नहीं की। राष्ट्रगान के बाद राज्यपाल ने अभिभाषण शुरू किया तब भी विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा।
सदस्य मेजों पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। स्टॉप किलिंग, रिवोक पीएसए, स्टॉप टेलिंग लाय, वेयर इज पालिटिकल डायलॉग तख्तियां लहराई जाने लगी। कुछ विधायकों को सदस्यों ने कंधे पर उठा लिया। हंगामा के दौरान विपक्ष की ओर से राज्यपाल आसन की ओर तख्तियां उछाली गईं। हंगामा बढ़ता देख राज्यपाल ने अपना भाषण संक्षिप्त किया और 10 मिनट में ही समाप्त कर लौट गए।
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सरकार को घेरने की विपक्ष की रणनीति पर काम अभिभाषण शुरू होने से पहले ही शुरू हो गया था। सीपीआई (एम) के एमवाई तारिगामी ने दीर्घा में मार्शलों की मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने जनमत संग्रह की मांग को लेकर विस के बाहर धरना दिया। नेकां के एमएलसी डा. वीरी नारे लिखे काले रंग का एप्रन पहनकर चले आए।
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अभिभाषण शुरू होने से पहले ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा तथा नारेबाजी शुरू कर दी थी। नारे लिखी तख्तियां लेकर वे लहरा रहे थे। विपक्ष लगातार वेल की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मार्शलों की कड़ी घेरेबंदी से वे आगे नहीं बढ़ सके। राज्यपाल के सेंट्रल हॉल में पहुंचते जैसे ही राष्ट्रगान शुरू हुआ तब भी विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी बंद नहीं की। राष्ट्रगान के बाद राज्यपाल ने अभिभाषण शुरू किया तब भी विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा।
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सदस्य मेजों पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। स्टॉप किलिंग, रिवोक पीएसए, स्टॉप टेलिंग लाय, वेयर इज पालिटिकल डायलॉग तख्तियां लहराई जाने लगी। कुछ विधायकों को सदस्यों ने कंधे पर उठा लिया। हंगामा के दौरान विपक्ष की ओर से राज्यपाल आसन की ओर तख्तियां उछाली गईं। हंगामा बढ़ता देख राज्यपाल ने अपना भाषण संक्षिप्त किया और 10 मिनट में ही समाप्त कर लौट गए।
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सरकार को घेरने की विपक्ष की रणनीति पर काम अभिभाषण शुरू होने से पहले ही शुरू हो गया था। सीपीआई (एम) के एमवाई तारिगामी ने दीर्घा में मार्शलों की मौजूदगी पर आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने जनमत संग्रह की मांग को लेकर विस के बाहर धरना दिया। नेकां के एमएलसी डा. वीरी नारे लिखे काले रंग का एप्रन पहनकर चले आए।
'राज्यपाल को अभिभाषण पढ़ने से रोकना दुर्भाग्यपूर्ण'
हंगामा करते विपक्षी पार्टियों के विधायक
- फोटो : AMAR UJALA
शिक्षा मंत्री एवं राज्य सरकार के प्रवक्ता नईम अख्तर ने कहा राज्यपाल एन.एन वोहरा के अभिभाषण में व्यवधान डालना और उन्हें अभिभाषण पढ़ने से जबरन रोकने की कोशिश कर दुर्भाग्यपूर्ण है और लोकतांत्रिक परंपराओं के भी खिलाफ है। विपक्ष ने सोची समझी साजिश के तहत ऐसा किया। जबकि सत्तापक्ष का रवैया साकारात्मक रहा। सरकार चाहती हैं कि मुद्दों पर चर्चा हो और सदन चले।
विपक्ष माफी मांगे : भाजपा
राष्ट्रगान के दौरान विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी तथा हंगामे को भाजपा ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। साथ ही इसके लिए विपक्ष से माफी मांगने को कहा है। विधायक रवींद्र रैणा ने कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्षी सदस्यों ने राष्ट्रगान का सम्मान नहीं किया। यह शर्मनाक भी है। रियासत के इतिहास में शायद यह पहली घटना है। उन्होंने नेकां तथा कांग्रेस से जवाब मांगा है। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रगान का सम्मान न करने पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
विपक्ष माफी मांगे : भाजपा
राष्ट्रगान के दौरान विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी तथा हंगामे को भाजपा ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। साथ ही इसके लिए विपक्ष से माफी मांगने को कहा है। विधायक रवींद्र रैणा ने कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्षी सदस्यों ने राष्ट्रगान का सम्मान नहीं किया। यह शर्मनाक भी है। रियासत के इतिहास में शायद यह पहली घटना है। उन्होंने नेकां तथा कांग्रेस से जवाब मांगा है। साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रगान का सम्मान न करने पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।