{"_id":"620c854dcd96564abf763ee1","slug":"udhampur-srinagar-baramulla-rail-link-longest-tunnel-of-indian-railways-found-at-both-ends","type":"story","status":"publish","title_hn":"उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक: भारतीय रेल की सबसे लंबी टनल के दोनों सिरे मिले, कटड़ा से कश्मीर तक ट्रेन पहुंचाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक: भारतीय रेल की सबसे लंबी टनल के दोनों सिरे मिले, कटड़ा से कश्मीर तक ट्रेन पहुंचाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम
Wed, 16 Feb 2022 10:32 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Wed, 16 Feb 2022 10:32 AM IST
सार
राष्ट्रीय महत्व की 272 किलोमीटर लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के अधिकारी ने बताया कि टी-49 टनल बनने के बाद यह सुरंग भारतीय रेलवे की सबसे लंबी होगी।
विज्ञापन
रियासी में तैयार हो रहा रेलवे पुल (प्रतीकात्मक)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तरी रेलवे ने कटड़ा-बनिहाल सेक्शन में देश की सबसे लंबी रेल टनल के दोनों सिरे मिलाने में सफलता हासिल कर ली है। 12.758 किलोमीटर लंबी टी-49 टनल में लाइन एंड लेवल ब्रेकथ्रू के साथ ही कश्मीर घाटी को रेल के जरिये सीधे देश से जोड़ने का काम तेज होगा। राष्ट्रीय महत्व की 272 किलोमीटर लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के अधिकारी ने बताया कि टी-49 टनल बनने के बाद यह सुरंग भारतीय रेलवे की सबसे लंबी होगी।
विज्ञापन
अभी तक बनिहाल-काजीगुंड सेक्शन में बनाई गई पीर पंजाल टनल (11.2 किमी) सबसे लंबी है। टी-49 टनल का दक्षिणी मुहाना रामबन जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर सुंबर गांव में है, जिसकी समुद्रतल से ऊंचाई 1200 मीटर है, वहीं टनल का उत्तरी मुहाना 1600 मीटर की ऊंचाई पर खड़ी तहसील के अरपिंचला गांव में है।
विज्ञापन
भारतीय रेलवे की सबसे लंबी टनल में दो ट्यूब हैं, जिसमें एक मुख्य और एक एस्केप टनल है। टनल का निर्माण ऑस्ट्रियल टनलिंग मैथड के साथ किया जा रहा है।
घोड़े की नाल जैसी घुमावदार होगी टनल
सबसे लंबी टनल घोड़े की नाल जैसी घुमावदार बनाई जा रही है। बेहद चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में टनल के भीतर तक पहुंच बनाने के लिए तीन अस्थायी रास्तों का निर्माण किया गया। यहीं से मशीनरी और अमले की आवाजाही की जा रही है।
विज्ञापन
टनल में हर 375 मीटर के फासले प क्रॉस पैसेज बनाए गए हैं, जिससे आपात स्थिति में रेस्क्यू अथवा मरम्मत कार्य किया जा सकेगा। चढ़ाई ज्यादा होने के बावजूद यहां रेल की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।