Udhampur Encounter: बसंतगढ़ 1996 से ही रहा आतंकियों की पनाहगाह, 2006 में हुई थी बड़ी आतंकी वारदात
बसंतगढ़ में सोनीटॉप खनेड़ में 2004 में आतंकवादी चार वीडीजी सदस्यों के हथियार लेकर फरार हो गए थे। 2006 में बसंतगढ़ के लोलान गला में आतंकवादियों ने 13 लोगों (समुदाय विशेष) की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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जम्मू जिले के साथ लगते उधमपुर जिले की रामनगर तहसील का पहाड़ी एवं दूरदराज क्षेत्र बसंतगढ़ 1996 से आतंकियों की पनाहगाह रहा है। इसके बाद आतंकियों ने इस क्षेत्र को डोडा, किश्तवाड़ व अन्य क्षेत्रों की ओर जाने के लिए रास्ता बना लिया था। 2000 में आतंकी गतिविधियां इस क्षेत्र में चरम पर थीं और उनकी मूवमेंट ज्यादा बढ़ गई थी।
बसंतगढ़ में सोनीटॉप खनेड़ में 2004 में आतंकवादी चार वीडीजी सदस्यों के हथियार लेकर फरार हो गए थे। 2006 में बसंतगढ़ के लोलान गला में आतंकवादियों ने 13 लोगों (समुदाय विशेष) की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
अब 28 अप्रैल 2024 की सुबह बसंतगढ़ के चोचरू गाला हाइट्स पर हुई आतंकी मुठभेड़ में एक वीडीजी सदस्य बलिदान हो गया। हालांकि, सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर आतंकवादियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान चलाया है।
1995 में हुआ था वीडीसी का गठन
पहाड़ी एवं दूरदराज क्षेत्रों में आतंकियों से सुरक्षा के लिए तत्कालीन सरकार ने 1995 विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) का गठन किया था। इसके बाद आतंकियों को खदेड़ने और क्षेत्र को सुरक्षित करने में वीडीसी सदस्यों ने सुरक्षा बलों के साथ अहम भूमिका निभाई थी। 2022 में वीडीसी का नाम बदल कर विलेज डिफेंस गार्ड (वीडीजी) कर दिया है।