जम्मू-कश्मीर: उधमपुर नगर परिषद अध्यक्ष जोगेश्वर ने गंवाया पद, अविश्वास प्रस्ताव वाली याचिका कोर्ट ने की खारिज
अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वाले पार्षदों का कहना है कि सप्ताह पहले ही याचिका को खारिज कर दिया गया था। इसका लिखित आदेश मंगलवार को मिला है।
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सितंबर 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के फ्लोर टेस्ट को हाईकोर्ट में चुनौती देने की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसी के साथ जोगेश्वर गुप्ता ने अपना चेयरमैन का पद गंवा दिया है, क्योंकि फ्लोर टेस्ट के परिणाम के अनुसार वह चेयरमैन नहीं रहे हैं। इसका खुलासा नगर परिषद की जनरल हाउस की बैठक में नगर परिषद कार्यकारी प्रधान सुरेंद्र सिंह खालसा ने किया।
अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वाले पार्षदों का कहना है कि सप्ताह पहले ही याचिका को खारिज कर दिया गया था। लेकिन इसका लिखित आदेश मंगलवार को मिला है। बुधवार को आयोजित जनरल हाउस की बैठक में विकास कार्यों को लेकर कम और हाईकोर्ट की तरफ से डॉ. जोगेश्वर गुप्ता की याचिका को खारिज करने को लेकर ज्यादा चर्चा हुई।
सुबह करीब साढ़े 11 बजे सुरेंद्र सिंह खालसा के नेतृत्व में बैठक का आयोजन हुआ। इसमें पार्षदों के साथ पीडब्ल्यूडी विभाग के एईई रफीक चौधरी ने हिस्सा लिया। बैठक में हिस्सा लेने के लिए एक्सईएन को आना था, लेकिन वह नहीं पहुंचे और एईई को भेज दिया।
इसको लेकर पार्षदों व कार्यकारी प्रधान ने काफी रोष प्रकट किया। बैठक में अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षदों ने हाईकोर्ट के जजमेंट की एक कॉपी सुरेंद्र सिंह खालसा को दी और बताया कि हाईकोर्ट ने जोगेश्वर गुप्ता की याचिका को खारिज कर दिया है और अब चेयरमैन के चुनाव करवाएं।
सुरेंद्र सिंह खालसा ने कहा चुनाव करवाना मेरे अधिकार में नहीं है और चुनाव चुनाव अधिकारी करवा सकता है। पार्षद प्रीति खजूरिया और सुनील प्रोच ने बताया कि उन्होंने मंगलवार शाम को यह कॉपी नगर परिषद के सीईओ दिलीप अबरोल को सौंप दी है और सीईओ ने कहा कि वह इसको डीसी कृतिका ज्योत्सना तक पहुंचाएंगे।
वह जिला चुनाव अधिकारी हैं और उनके ही नेतृत्व में यह चुनाव होंगे। बैठक में पार्षदों ने वार्ड नंबर 18 पार्षद पद के लिए चुनाव करवाने की अपील की, क्योंकि कुछ सप्ताह पहले ही वार्ड नंबर 18 की पार्षद का निधन हो गया है। दोनों पार्षदों ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षद शहर का विकास चाहते हैं और अब नया चेयरमैन चुन कर शहर का विकास किया जाएगा।
मैं इस समय दिल्ली में हुं। मंगलवार को हाईकोर्ट ने सुनाई गई जजमेंट की 17 पेज की कॉपी जारी की है और इसको अभी तक मैंने पढ़ा नहीं है। हाईकोर्ट ने जो निर्णय सुनाया है उसको माना जाएगा। - जोगेश्वर गुप्ता, पूर्व नगर परिषद चेयरमैन
विकास कार्य पूरे नहीं होने पर पार्षदों ने पीडब्ल्यूडी के एईई के सामने किया रोष प्रकट
जनरल हाउस की बैठक में मुख्य मुद्दा पीडब्ल्यूडी की तरफ से शहर में किए जा रहे विकास कार्यों को लेकर चर्चा करनी और अधिकारी से जवाब मांगना था। एक्सईएन के नहीं पहुंचने पर पार्षदों ने बारी बारी से अपने सवाल एईई के समक्ष रखे। पार्षदों ने बताया कि आईडीएमटी और डिस्ट्रक्टि प्लान के तहत जो काम किए गए हैं, उनकी शिकायतें मिल रही है।
काम में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। ठेकेदार पार्षदों के फोन नहीं उठा रहे हैं और जनता इसका जवाब मांग रही है। इसके साथ ही पार्षदों ने आईडीएमटी और डिस्ट्रक्टि के तहत जारी हुए कामों के टेंडर के बारे में भी जवाब मांगा। कई कार्यों का टेंडर नहीं होने पर पार्षदों ने रोष प्रकट किया।
इसके साथ ही कैटल पांड का काम कई महीने से बंद होने और मल्टीलेवल पार्किंग के लिए निर्माण के लिए गिराई गई इमारत का मलबा उठाने को लेकर भी चर्चा की। वहीं एईई ने बताया कि एक दो दिन के अंदर कैटल पांड का काम शुरू करने के लिए तीन लाख रुपये का री टेंडर जारी कर दिया जाएगा। इसके साथ नगर परिषद कार्यालय का मलबा उठाने के लिए एस्टीमेट बना कर दे दिया गया है। इसका ई टेंडर नगर परिषद ने ही करना है।