बड़ी साजिश नाकाम: किश्तवाड़ में राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो किलो की आईईडी बरामद, दुलहस्ती पावर हाउस था निशाना
सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी दुलहस्ती पावर हाउस के नजदीक एक आईईडी जैसी चीज नजर आ रही है। जानकारी मिलते ही सेना और पुलिस की टीम डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंच गई। छानबीन करने पर पाया गया कि विस्फोटक को हाईवे पर एक पुलिया के नीचे लगाय गया है।
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चिनाब घाटी में सुरक्षाबलों ने किश्तवाड़-बटोत राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक पुलिया के नीचे लगाई गई इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बरामद कर एक बड़ी आतंकी घटना को टाल दिया। जिस स्थान पर यह आईईडी बरामद की गई वह दुलहस्ती पावर हाउस से आधा किलोमीटर दूर है।
बरामद आईईडी का वजन दो किलो बताया जा रहा है। फिलहाल सुरक्षाबल उसकी जांच कर रहे हैं। पूरे इलाके को घेर लिया गया है। आशंका है कि विस्फोटक रखने वाले आतंकी आसपास के इलाकों में मौजूद हो सकते हैं। इलाके में व्यापक पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी दुलहस्ती पावर हाउस के नजदीक एक आईईडी जैसी चीज नजर आ रही है। जानकारी मिलते ही सेना और पुलिस की टीम डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंच गई। छानबीन करने पर पाया गया कि विस्फोटक को हाईवे पर एक पुलिया के नीचे लगाय गया है। इसी दौरान बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुला लिया गया। बम निरोधक दस्ते ने सावधानी पूर्वक विस्फोटक को बाहर निकाला। जांच के दौरान बम निरोधक दस्ते के अधिकारियों ने बताया कि आईईडी के साथ बैटरी का संयोजन अभी नहीं किया गया था। संभवतः साजिशकर्ता उचित मौके का इंतजार कर रहे थे।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि संभवतः आतंकियों का निशाना दुलहस्ती जल विद्युत परियोजना थी। क्योंकि अभी विस्फोटक को बैटरी के साथ जोड़ा नहीं गया था। इसके कारण इसे यहां से दूसरे स्थान पर आसानी के साथ शिफ्ट किया जा सकता था। यदि इसमें धमाका होता तो हाईवे के साथ परियोजना को व्यापक नुकसान पहुंच सकता था। फिलहाल सुरक्षा बलों ने विस्फोटक कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बडी साजिश का हिस्सा
डीएसपी देवेंद्र बंद्राल ने बताया कि दुलहस्ती पावर हाउस के पास विस्फोटक मिलना बड़ी साजिश हो सकती है। एसएसपी खलील पोसवाल ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
हाईवे पर यातायात रोका गया
अधिकारियों ने कहा कि राजमार्ग पर यातायात तुरंत निलंबित कर दिया गया है और इसे पूरी जांच के बाद ही यातायात के लिए खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आईईडी लगाने के लिए जिम्मेदार आतंकियों को पकड़ने के लिए तलाश शुरू कर दी गई है।
आतंकवाद का गढ़ रहा है इलाका
आतंकवाद के दौर में यह इलाका दहशतगर्दों का गढ़ माना जाता है। चिनाब घाटी का किश्तवाड़, डोडा और भद्रवाह के इलाके में बड़े पैमाने पर आतंकी गतिविधियों का संचालन होता रहा है।
बेहद महत्दुवपूर्ण है दुलहस्ती जल विद्युत परियोजना
दुलहस्ती जल विद्युत परियोजना के पूरा होने के बाद जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के कई हिस्सों में बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। परियोजना के चरण एक की उत्पादन क्षमता 390 मेगावाट की है। परियोजना रन द वाटर स्कीम पर आधारित हैं और यहां से उत्पादन होने वाली बिजली से जम्मू-कश्मीर के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान , दिल्ली और केंद्रीय शासित प्रदेश चंडीगढ़ को भी उत्तरी ग्रिड के माध्यम से मुहैया होती है।