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देश की सबसे लंबी जोजिला टनल के लिए मांगे टेंडर
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जम्मू। देश की सबसे लंबी रोड टनल जोजिला का रास्ता साफ हो गया है। नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीएल) ने टेंडरिंग शेड्यूल जारी कर दिया है। एनएच-1 पर सोनामर्ग-कारगिल सेक्शन में प्रस्तावित 14.150 किलोमीटर लंबी रोड टनल निर्माण के लिए कंपनियां 10 जून 2020 को रिक्वेस्ट फार प्रपोजल कर सकेंगी। 23 जुलाई तक बोली दस्तावेज जमा कराने होंगे और 24 जुलाई 2020 को टेकिभनकल बिड को खोला जाएगा।
लद्दाख को देश-दुनिया से बारह महीने जोड़े रखने के लिए जोजिला टनल प्रोजेक्ट सबसे महत्वपूर्ण है। वर्तमान में बर्फबारी के चलते लद्दाख छह माह तक कटा रहता है। जोजिला टनल की निर्माण लागत में बढ़ोतरी की गई है। पहले करीब छह हजार करोड़ की परियोजना अब आठ हजार करोड़ से ज्यादा लागत के साथ प्रस्तावित की गई है।
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पीएम के शिलान्यास के बाद
भी लटक गई थी परियोजना
जोजिला दर्रा वाहनों की आवाजाही के लिए दुनिया में सबसे खतरनाक सड़क मार्गों में शुमार है। लद्दाख के लिए यह परियोजना लाइफलाइन है, लेकिन वर्षों से परियोजना अधर में लटकी हुई थी। जनवरी 2016 में टनल निर्माण का कार्य आईआरबी कंपनी को दिया गया। किन्हीं कारण के चलते इस टेंडर को बाद में जुलाई 2017 को आईएलएंडएफएस ट्रांसपोर्ट को मिला। मई 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परियोजना निर्माण का शिलान्यास किया, लेकिन जनवरी 2019 में दोबारा टेंडर करने पड़े जिसे अगस्त 2019 में रद्द कर दिया गया। अब लागत बढ़ाकर फिर से टेंडर किए जा रहे हैं।
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लद्दाख को देश-दुनिया से बारह महीने जोड़े रखने के लिए जोजिला टनल प्रोजेक्ट सबसे महत्वपूर्ण है। वर्तमान में बर्फबारी के चलते लद्दाख छह माह तक कटा रहता है। जोजिला टनल की निर्माण लागत में बढ़ोतरी की गई है। पहले करीब छह हजार करोड़ की परियोजना अब आठ हजार करोड़ से ज्यादा लागत के साथ प्रस्तावित की गई है।
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पीएम के शिलान्यास के बाद
भी लटक गई थी परियोजना
जोजिला दर्रा वाहनों की आवाजाही के लिए दुनिया में सबसे खतरनाक सड़क मार्गों में शुमार है। लद्दाख के लिए यह परियोजना लाइफलाइन है, लेकिन वर्षों से परियोजना अधर में लटकी हुई थी। जनवरी 2016 में टनल निर्माण का कार्य आईआरबी कंपनी को दिया गया। किन्हीं कारण के चलते इस टेंडर को बाद में जुलाई 2017 को आईएलएंडएफएस ट्रांसपोर्ट को मिला। मई 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परियोजना निर्माण का शिलान्यास किया, लेकिन जनवरी 2019 में दोबारा टेंडर करने पड़े जिसे अगस्त 2019 में रद्द कर दिया गया। अब लागत बढ़ाकर फिर से टेंडर किए जा रहे हैं।
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