जम्मू-कश्मीर में हमले की साजिश नाकाम, सेब की पेटी में रखे थे हथियार, जैश के तीन आतंकी गिरफ्तार
- चार एके 56, दो एके 47, छह मैगजीन,180 कारतूस सहित नकदी बरामद
- राज्य में दाखिल होते ही किया गिरफ्तार, तीनों दहशतगर्द कश्मीर के
- पंजाब से आ रहा था ट्रक, सेब की पैकिंग के लिए गत्ते के डिब्बे लदे थे
- हथियारों को चालक के पीछे की सीट में छिपाया गया था
- पंजाब के रास्ते श्रीनगर पहुंचाया जाना था गोला-बारूद
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जम्मू-कश्मीर में बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन दहशतगर्दों को गुरुवार को गिरफ्तार किया है। राज्य की सीमा में दाखिल होते ही लखनपुर में पकड़े गए इन आतंकियों के पास से चार एके 56, दो एके 47 राइफल के साथ-साथ छह मैगजीन, 180 कारतूस और 11 हजार की नकदी बरामद की गई है। ट्रक में सेब की पैकिंग के लिए गत्ते के डिब्बे लदे थे। हथियारों को चालक के पीछे की सीट में छिपाया गया था। फिलहाल आतंकियों से पूछताछ जारी है।
जिला पुलिस प्रमुख श्रीधर पाटिल ने बताया कि वीरवार सुबह आठ बजे पुख्ता सूचना पर पुलिस ने लखनपुर के नजदीक नाका लगाकर ट्रकों की जांच शुरू कर दी। इसी बीच पंजाब की ओर से आ रहे ट्रक (जेके13ई-2000) की जांच में हथियारों की खेप बरामद हुई है। गिरफ्तार किए गए आतंकियों की पहचान उबैद-उल-इस्लाम निवासी अघलार कंडी (राजपोरा-पुलवामा), जहांगीर अहमद पारे निवासी पाखरपोरा (चरार-ए-शरीफ, बडगाम) और सबील अहमद बाबा निवासी अघगार कंडी (राजपोरा-पुलवामा) के रूप में हुई है।
कठुआ पुलिस ने पकड़े गए आतंकियों से संबंधित जिलों की पुलिस से संपर्क किया है। सूत्रों का कहना है कि ट्रक दिल्ली की ओर से चला था, जिसमें अमृतसर के आसपास हथियार लोड किए गए थे। सुरक्षा एजेंसियां भी लगातार संपर्क बनाए हुए है। मामले की जांच के लिए पंजाब पुलिस ने भी विशेष अभियान समूह के एक ग्रुप को कठुआ भेजा है।
आतंक के नेटवर्क को खंगालने की कोशिश पाटिल ने बताया कि पकड़े गए आतंकियों से लगातार पूछताछ चल रही है। प्रारंभिक पूछताछ में यह मॉडयूल हथियारों की सप्लाई से संबंधित लग रहा है। जिस ट्रक से यह आतंकी आ रहे थे, उसी में बैठकर किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की बात फिलहाल सामने नहीं आई थी। जैश के आका पाकिस्तान में बैठे हैं लिहाजा कश्मीर के लिए जाने वाले इस असलाह की खेप कहां से आई थी, इसकी जांच जारी है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि पकड़े गए आतंकियों ने क्या-क्या प्रशिक्षण लिया था।
हर पहलू पर जांच की जा रही
एसएसपी पाटिल ने कहा कि लखनपुर में पकड़े गए आतंकियों और हथियारों की खेप जम्मू कश्मीर पुलिस की एक बड़ी कामयाबी है। पुलिस आतंक की एक बड़ी साजिश को नाकाम करने में सफल रही है। यह हथियार यदि कश्मीर तक और गलत हाथों में पहुंच जाते तो कई कीमती जानें जा सकती थीं। प्राथमिक जांच में आतंकियों को खालिस्तानी आतंकियों से मदद के संकेत नहीं मिले हैं लेकिन पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
आईबी से घुसपैठ करने का अंदेशा
इन हथियारों और गोलियों की तस्करी संभवत: जैश-ए-मोहम्मद के मॉड्यूल के लिए की जा रही थी ताकि आतंकवादी गतिविधि को अंजाम दिया जा सके। ऐसा माना जाता है कि इन संदिग्ध आतंकवादियों में से किसी ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से पठानकोट के बामियाल सीमा से होकर ओवर ग्राउंड वर्कर की मदद से घुसपैठ की थी।
आतंकियों ने सेब के गत्ते की पेटियों में छिपा रखे थे हथियार
हथियारों की सप्लाई के लिए पंजाब को चुना
श्रीनगर में सेना की मौजूदगी और सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए मुस्तैद बीएसएफ के कारण आतंकियों के हौसले पस्त हैं। ऐसे में इन्होंने हथियारों की सप्लाई के लिए पंजाब का रास्ता चुना है। पंजाब पुलिस ने भी स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) की एक टीम को जांच से जुड़ने के लिए फौरन कठुआ भेज दिया।
जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने के लिए फिर बदला पैंतरा, पंजाब के रास्ते हथियारों की सप्लाई
लखनपुर में आबकारी टोल प्लाजा पर गुड्स स्कैनर की योजना को पिछले डेढ़ दशक में अंजाम तक न पहुंचाया जाना आतंकियों के लिए बड़ा वरदान साबित हो सकता है। हालांकि कठुआ पुलिस की मुस्तैदी से लखनपुर पार करने से पहले ही आतंकियों को गिरफ्तार कर हथियारों को जब्त कर लिया गया है।
लखनपुर टोल प्लाजा के रास्ते रोजाना ढाई से तीन हजार ट्रक आयात-निर्यात के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जांच के नाम पर आबकारी विभाग की टीम गिने चुके ट्रकों को ही रोककर जांच करती रही है। कई बार मामले पकड़े जाते हैं, तो कई बार लखनपुर टोल प्लाजा से आसानी से तस्करी होती रही है। मवेशी से लेकर जड़ी-बूटियों, सीमेंट, विलो आदि की तस्करी आम बात है।