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विधानसभा सत्र: दोनों सदनों ने मुफ्ती सहित नौ नेताओं को दी श्रद्धांजलि
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Thu, 26 May 2016 09:21 PM IST
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मृतक नेताओं को श्रद्धांजलि देते विधायक
- फोटो : Amar Ujala
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वीरवार को राज्य विधान सभा और विधान परिषद के पटल पर राजनीति से ऊपर उठकर बातें हुईं। पीडीपी-भाजपा से लेकर मुख्य विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के नेताओं ने एक स्वर में पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। नेशनल कांफ्रेंस की तरफ से श्रद्धांजलि के स्वर उभरे तो साथ ही सच्ची श्रद्धांजलि के लिए कश्मीर मसले के हल का सुझाव भी पेश किया गया।
विधानसभा के सदन में मुफ्ती मोहम्मद सईद के अलावा पूर्व राज्यपाल जनरल रिटायर्ड केवी कृष्णा राव, पूर्व लोकसभा स्पीकर बलराम जाखड़, पीएम संगमा, तीन पूर्व मंत्रियों और सदन के दो पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई।
विधानसभा के स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने श्रद्धांजलि के लिए 9 नेताओं का जिक्र किया जिसके बाद नेशनल कांफ्रेंस से सबसे पहले बोलते हुए उड़ी से मोहम्मद शफी ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद का राजनीतिक करियर दमकता रहा। पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद शफी ने कहा कि कांग्रेस छोड़कर पीडीपी का गठन कर मुफ्ती ने दिल्ली सत्ता प्रतिष्ठान को बताया कि जम्मू-कश्मीर विशेष दर्जा रखता है।
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ऐसे में मुफ्ती को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए कश्मीर मसले का हल सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर में न सिर्फ अनुच्छेद 370 को कायम रखना है बल्कि इसे और मजबूत करना होगा। लगे हाथ उन्होंने भाजपा पर चुटकी लेते हुए कहा भाजपा बाबर का जिक्र करती रही है लेकिन अब पार्टी नेता ईरान में मिर्जा गालिब की रचनाओं के अनुवाद पर जोर दे रहे हैं।
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विधानसभा के सदन में मुफ्ती मोहम्मद सईद के अलावा पूर्व राज्यपाल जनरल रिटायर्ड केवी कृष्णा राव, पूर्व लोकसभा स्पीकर बलराम जाखड़, पीएम संगमा, तीन पूर्व मंत्रियों और सदन के दो पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई।
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विधानसभा के स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने श्रद्धांजलि के लिए 9 नेताओं का जिक्र किया जिसके बाद नेशनल कांफ्रेंस से सबसे पहले बोलते हुए उड़ी से मोहम्मद शफी ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद का राजनीतिक करियर दमकता रहा। पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद शफी ने कहा कि कांग्रेस छोड़कर पीडीपी का गठन कर मुफ्ती ने दिल्ली सत्ता प्रतिष्ठान को बताया कि जम्मू-कश्मीर विशेष दर्जा रखता है।
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ऐसे में मुफ्ती को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए कश्मीर मसले का हल सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर में न सिर्फ अनुच्छेद 370 को कायम रखना है बल्कि इसे और मजबूत करना होगा। लगे हाथ उन्होंने भाजपा पर चुटकी लेते हुए कहा भाजपा बाबर का जिक्र करती रही है लेकिन अब पार्टी नेता ईरान में मिर्जा गालिब की रचनाओं के अनुवाद पर जोर दे रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की तारीफ करते दिखे नेता
विधानसभा में उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह
- फोटो : Amar Ujala
कांग्रेस नेता जीएम सरूरी ने बाढ़ प्रभावितों की राहत में केंद्र पर देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद आखिर तक बाढ़ राहत की फाइलों में ही उलझे रहे। सीपीआई एम से मोहम्मद यूसुफ तारिगामी ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के दिग्गज नेता शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के सामने मुफ्ती मोहम्मद सईद ने अलग विचारों के साथ राजनीतिक चुनौती पेश की।
भाजपा से उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि भाजपा और पीडीपी का मिलकर सत्ता में आना दर्शाता है कि जीतकर आए दलों में जनता की सेवा के प्रति संजीदगी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने मुफ्ती मोहम्मद सईद को सिद्धांतवादी नेता करार दिया।
आरएंडबी मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद के राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर उनके लिए सदन में रहना मुश्किल हो रहा है। बाद में दो मिनट का मौन धारण किया गया। उधर, विधान परिषद में चेयरमैन हाजी इनायत अली ने नौ नेताओं को श्रद्धांजलि देने का जिक्र किया।
नेकां नेता सज्जाद किचलू ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद के जाने से जो शून्य बना है उसे पूरा नहीं किया जा सकता। भाजपा एमएलसी रमेश अरोड़ा ने कहा मुफ्ती मोहम्मद सईद ने तीनों खित्तों को समानता पर लाने का प्रयास किया।
शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा मुफ्ती साहब समकालीन नेताओं से अलग विजन रखते थे। उन्होंने सच्चे लोकतंत्र की शुरूआत की। भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने की दिशा में उनका प्रयास आखिरी योगदान था।
भाजपा से उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह ने कहा कि भाजपा और पीडीपी का मिलकर सत्ता में आना दर्शाता है कि जीतकर आए दलों में जनता की सेवा के प्रति संजीदगी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने मुफ्ती मोहम्मद सईद को सिद्धांतवादी नेता करार दिया।
आरएंडबी मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद के राजनीतिक कार्यकर्ता के तौर पर उनके लिए सदन में रहना मुश्किल हो रहा है। बाद में दो मिनट का मौन धारण किया गया। उधर, विधान परिषद में चेयरमैन हाजी इनायत अली ने नौ नेताओं को श्रद्धांजलि देने का जिक्र किया।
नेकां नेता सज्जाद किचलू ने कहा कि मुफ्ती मोहम्मद सईद के जाने से जो शून्य बना है उसे पूरा नहीं किया जा सकता। भाजपा एमएलसी रमेश अरोड़ा ने कहा मुफ्ती मोहम्मद सईद ने तीनों खित्तों को समानता पर लाने का प्रयास किया।
शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने कहा मुफ्ती साहब समकालीन नेताओं से अलग विजन रखते थे। उन्होंने सच्चे लोकतंत्र की शुरूआत की। भारत और पाकिस्तान के बीच शांति स्थापित करने की दिशा में उनका प्रयास आखिरी योगदान था।