{"_id":"61f84836ba64330d425dcd1d","slug":"tribute-jammu-city-news-jmu252934217","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रजा परिषद आंदोलन से जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने का सपना हो सका साकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रजा परिषद आंदोलन से जम्मू-कश्मीर से 370 हटाने का सपना हो सका साकार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। प्रजा परिषद आंदोलन की वजह से अनुच्छेद 370 को हटाने का सपना साकार हो सका है। हमें इस आंदोलन में शहीद हुए लोगों की कुर्बानी को कभी भी भूलना नहीं चाहिए। 1953 के इसी आंदोलन ने जन आंदोलन का रूप अख्तियार किया जिसने 370 हटाने के लक्ष्य को हासिल किया। इसके बाद से जम्मू-कश्मीर में विकास के नए युग की शुरूआत हुई। यह विचार वक्ताओं ने प्रजा परिषद मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से ज्यौड़ियां में सोमवार को आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित कार्यक्रम में रखे।
इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि एक निशान, एक विधान तथा एक प्रधान के समर्थन में 31 जनवरी 1953 को प्रजा परिषद के आंदोलन में शहीद हुए शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए हम लोग उपस्थित हैं। लेकिन हमारे इन सात शहीद को 5 अगस्त 2019 को सच्ची श्रद्धांजलि मिल गई थी जब राज्य से 370 हटा था। हमारे यह शहीद एक निशान एक विधान तथा एक प्रधान की मांग करते हुए शहीद हुए थे। सह प्रभारी आशीष सूद ने वर्चुअल मोड से कहा कि नई पीढ़ियों को प्रजा परिषद आंदोलन के विषय में जागरूक करने की जरूरत है ताकि उन्हें पता चल सके कि इसी ने प्रदेश से 370 की विदाई की नींव रखी। पूर्व उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह व कवींद्र गुप्ता ने कहा कि इसी आंदोलन ने प्रदेश में भारतीय संविधान तथा तिरंगा को आत्मसात करने का रास्ता दिखाया। आरएसएस नेता पुरुषोत्तम दधीचि ने कहा कि 370 हटने के बाद देश की मुख्यधारा से प्रदेश का जुड़ना शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
शहादत की वजह से जम्मू-कश्मीर मुख्यधारा से जुड़ा
पूर्व मंत्री व प्रदेश उपाध्यक्ष शाम लाल शर्मा ने कहा कि हमें शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखना चाहिए क्योंकि इनकी शहादत की वजह से ही आज जम्मू-कश्मीर देश की मुख्यधारा से जुड़ा है। लोगों के साथ अन्याय की समाप्ति हुई है। विकास की धारा बह निकली है। अब सभी क्षेत्रों का समान रूप से विकास हो रहा है। ट्रस्ट के प्रधान दलजीत सिंह ने कहा कि हमारे बुजुर्ग कहते हैं कि इन शहीदों की याद में ज्यौड़ियां में बहुत बड़ा मेला लगता था। हम भी उसी कड़ी को आगे निभाते हुए प्रजा परिषद आंदोलन में शहीद हुए इन शहीदों को हर साल याद करते हैं। इस मौके पर अखनूर के पूर्व विधायक राजीव शर्मा, समाजसेवी डॉक्टर पुरुषोत्तम लाल भगत, पार्षद गगन राज टाक, सुखदेव सिंह भाऊ सहित अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस अवसर पर भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि एक निशान, एक विधान तथा एक प्रधान के समर्थन में 31 जनवरी 1953 को प्रजा परिषद के आंदोलन में शहीद हुए शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए हम लोग उपस्थित हैं। लेकिन हमारे इन सात शहीद को 5 अगस्त 2019 को सच्ची श्रद्धांजलि मिल गई थी जब राज्य से 370 हटा था। हमारे यह शहीद एक निशान एक विधान तथा एक प्रधान की मांग करते हुए शहीद हुए थे। सह प्रभारी आशीष सूद ने वर्चुअल मोड से कहा कि नई पीढ़ियों को प्रजा परिषद आंदोलन के विषय में जागरूक करने की जरूरत है ताकि उन्हें पता चल सके कि इसी ने प्रदेश से 370 की विदाई की नींव रखी। पूर्व उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह व कवींद्र गुप्ता ने कहा कि इसी आंदोलन ने प्रदेश में भारतीय संविधान तथा तिरंगा को आत्मसात करने का रास्ता दिखाया। आरएसएस नेता पुरुषोत्तम दधीचि ने कहा कि 370 हटने के बाद देश की मुख्यधारा से प्रदेश का जुड़ना शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
विज्ञापन
शहादत की वजह से जम्मू-कश्मीर मुख्यधारा से जुड़ा
पूर्व मंत्री व प्रदेश उपाध्यक्ष शाम लाल शर्मा ने कहा कि हमें शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखना चाहिए क्योंकि इनकी शहादत की वजह से ही आज जम्मू-कश्मीर देश की मुख्यधारा से जुड़ा है। लोगों के साथ अन्याय की समाप्ति हुई है। विकास की धारा बह निकली है। अब सभी क्षेत्रों का समान रूप से विकास हो रहा है। ट्रस्ट के प्रधान दलजीत सिंह ने कहा कि हमारे बुजुर्ग कहते हैं कि इन शहीदों की याद में ज्यौड़ियां में बहुत बड़ा मेला लगता था। हम भी उसी कड़ी को आगे निभाते हुए प्रजा परिषद आंदोलन में शहीद हुए इन शहीदों को हर साल याद करते हैं। इस मौके पर अखनूर के पूर्व विधायक राजीव शर्मा, समाजसेवी डॉक्टर पुरुषोत्तम लाल भगत, पार्षद गगन राज टाक, सुखदेव सिंह भाऊ सहित अन्य कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन